अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शौचालय बनाने के लिए नगर निगम में आवेदन करने वाले सैकड़ों लोगों ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप जड़ा है। नगर निगम में शौचालय निर्माण के लिए केंद्र से आई पहली किश्त के रूप में दो-दो हजार रुपये के चेक लेने आए लोगों ने मेयर मनोज गर्ग और प्रभारी नगर आयुक्त डा. तंजीम अली के सामने फार्म देने और सत्यापन के नाम पर कर्मचारियों की ओर से 60 रुपये से लेकर 160 रुपये तक वसूलने का गंभीर आरोप लगाकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की सरकार का पर्दाफाश किया है।
अवैध वसूली की शिकायत पर मेयर मनोज गर्ग कार्यालय के बाहर जमा लोगों के बीच पहुंचे। उन्हाेंने जिन लोगों से पैसे लिए उनसे हाथ खड़े करने को कहा तो वहां सैकड़ों हाथ खड़े देख वह हतप्रभ रह गए। मेयर ने मोहल्लेवार भी हाथ खड़े कराकर पूछा तो यह बात सामने आई कि कोई भी मोहल्ला ऐसा नहीं है, जहां से नगर निगम कर्मचारियों ने अवैध वसूली न की हो। केंद्र पोषित शौचालय निर्माण की इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को 5333 रुपये दिए जाने हैं। जिसकी पहली किश्त 2000 रुपये की है।
शौचालय के लिए 717 लोगों ने किया आवेदन
खुले में शौच मुक्त भारत बनाने की इस योजना में सरकार की ओर से 5333 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। नगर निगम क्षेत्र की विभिन्न बस्तियों से शौचालय निर्माण के लिए 717 आवेदन फार्म भरे गए थे। इनमें से स्वास्थ्य विभाग ने 600 का सत्यापन करा लिया है। 392 अभ्यर्थियों को नगर निगम मेयर ने शुक्रवार को 2-2 हजार रुपये की पहली किश्त के चेक देने के लिए बुलाया था। मेयर ने लाभार्थियों को चेक देने शुरू की किए थे कि तभी लाल मंदिर क्षेत्र की इंदिरा बस्ती की एक महिला मेयर के पास पहुंची और फार्म देने के लिए 60 रुपये देने लगी। जब मेयर ने कहा कि फार्म तो मुफ्त में दिया जा रहा है। इतना सुनते ही वहां सब लोग एक स्वर में बताने लगे की उनसे फार्म के नाम पर पहले 100 रुपये लिए गए और फिर सूची में नाम आने पर सत्यापन के नाम पर 60 रुपये लिए गए हैं।
मुझसे तो सुबह ही 60 रुपये लिए
लाल मंदिर स्थित इंदिरा बस्ती निवासी मुन्नी देवी ने बताया कि उनके घर से तो शुक्रवार सुबह ही नगर निगम कर्मचारी ने 60 लिए हैं। लाल मंदिर इंदिरा बस्ती निवासी डा. प्रवीन, फेमिता, श्यामों, बुद्ध देव, राजीव नगर बस्ती के नरेश धीमान, राधेमोहन, रामकिशन, अर्चना सरकार, सदानंद, रेखा, उमा और टंकी नंबर 6 बस्ती की कविता, हरि सिंह आदि सैकड़ों महिलाओं व पुरूषों ने 160 रुपये देने का आरोप लगाया है। यह सुनकर मेयर मनोज गर्ग तिलमिला गए और प्रभारी नगर आयुक्त को सफाई निरीक्षक के साथ ही सत्यापन करने वाले कर्मचारियों को सस्पेंड करने को कहा।
पैसा लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। मामला काफी गंभीर है, इतनी बड़ी संख्या में लोग पैसा लेने की बात कह रहे हैं तो जांच होगी ही। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी का बख्शा नहीं जाएगा।
- डा. तंजीम अली, प्रभारी नगर आयुक्त