जोशीमठ। औली में अगले साल जनवरी माह में होने वाली अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। बुधवार को सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने करीब तीन घंटे तक औली में स्कीइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने यहां रोपवे, चियर लिफ्ट व स्की लिफ्ट के बारे में अधिकारियों के साथ चर्चा की और दो माह में सभी उपकरणों को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए।
बुधवार को सुबह 11 बजे पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज औली पहुंचे। औली स्लोप का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने जीएमवीएन के सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि औली को विकसित करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार प्रयास कर रही है। हिमाच्छादित रहने वाले गौरसों को भी स्कीइंग के क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।
विंटर गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कर्नल जॉय डिल्लन ने कहा कि वर्ष 2009 में औली स्लोप को फिस (फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल स्कीइंग) की मान्यता मिली थी। वर्ष 2011 के बाद औली में कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं हुई है, जबकि दस वर्षों में यहां दो बार राष्ट्रीय स्तर की स्कीइंग प्रतियोगिता होनी चाहिए, नहीं तो स्लोप की मान्यता रद्द हो जाएगी। लिहाजा अगले वर्ष यहां अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन जरूरी है।
पर्यटन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने जीएमवीएन के अधिकारियों को औली में जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देेश दिए। वहीं, फ्रांस से औली पहुंची सात सदस्यीय टीम ने यहां खराब पड़ी स्नो मेकिंग मशीनों का निरीक्षण किया। इस मौके पर विंटर गेम्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एसएस पांगती, जीएमवीएन के महाप्रबंधक बीएल राणा, एसडीएम जोशीमठ योगेंद्र सिंह, तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ, औली रोपवे प्रबंधक दिनेश भट्ट और पालिका अध्यक्ष रोहिणी रावत आदि मौजूद थे।