अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से सटी द्वारिका विहार कालॉनी में मगरमच्छ निकलने से क्षेत्र में हड़कंप रहा। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद कालोनिवासियों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ लिया।
मंगलवार देर रात बाइक सवार बिट्टी निवासी जगजीतपुर द्वारिका विहार कालोनी से अपने घर लौट रहे थे। वह जैसे ही द्वारिका विहार स्थित ट्यूबवेल से कुछ आगे निकले तो उनकी नजर सड़क पार कर रहे मगरमच्छ पर पड़ी। कालोनी में मगरमच्छ को लेकर उसके होश उड़ गए। बिट्टी ने इसकी सूचना कालोनी में आसपास के लोगों को दी। इस बीच मगरमच्छ दौड़ते हुए नवीन गुप्ता के घर के बाहर बनी नाली में जा गुस्सा। इस बीच मौके पर कालोनिवासियों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने कालोनी में मगरमच्छ होने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी महेश प्रसाद सेमवाल और वन दारोगा ओपी सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने दो घंटे के कड़ी मशक्कत के बाद कालानी वासियों की मदद से रात 12 बजे मगरमच्छ को पकड़ लिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने पर कालोनी वासियों ने राहत की सांस ली। मगरमच्छ को पकड़ने के लिए बंटी चौधरी, रोहित चौधरी, बिट्टी चौधरी, गुरुकुल कांगड़ी विवि के छात्रसंघ अध्यक्ष विक्रम भुल्लर, पूर्व अध्यक्ष अमित कुमार आदि ने मगरमच्छ को पकड़वाने में वन विभाग की टीम की मदद की। रेंजर महेश प्रसाद सेमवाल ने बताया कि मगरमच्छ को बाण गंगा में छोड़ दिया गया है। मगरमच्छ की लंबाई करीब सात फीट रही होगी।
वन विभाग के पास रहा संसाधनों का अभाव
हरिद्वार। मगरमच्छ पकड़ने के लिए वन विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। मगरमच्छ को पकड़ने के दौरान वन विभाग की ओर से लाई गई रस्सियां और जाल भी पुराने होने से टूट रहे थे। जिसके चलते वन विभाग को मगरमच्छ पकड़ने में करीब दो घंटे का समय लगया। कालोनी वासियों ने मगरमच्छ को पकड़वाने के लिए रस्सी आदि उपलब्ध करवाया। जब जाकर वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ पाई।