अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विवि में छात्रसंघ की अधिसूचना जारी होने पर छात्रसंघ कार्यालय खोले जाने पर विवि में छात्रों का हंगामा खड़ा हो गया। छात्रों के एक गुट चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कार्यालय बंद कराने की मांग कर रहा था, तो वहीं छात्रसंघ अध्यक्ष अनूप बहुखंडी सहित अन्य पदाधिकारी इसका विरोध करते रहे। हंगामे के बीच विवि प्रशासन ने पुलिस बुलाकर छात्रसंघ के कार्यालय को बंद करा दिया।
विवि में सोमवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद छात्रसंघ का कार्यालय खोले जाने का विरोध करते हुए हंगामा किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलसविच से वार्ता करते हुए छात्रसंघ का कार्यालय तत्काल बंद करने की मांग की। एबीवीपी के मीडिया प्रमुख शिव चौधरी ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से लिंगदोह समिति की सिफारिशों को लागू करने की मांग करते हुए छात्रसंघ का कार्यालय बंद न कराने पर आंदोलन की चेतावनी दी। रविंद्र नौटियाल, विशाखा गौड़, कुलदीप भट्ट, मोहित कुमार, प्रदीप डिमरी, अभिनव कुमार, दीपक भट्ट, प्रमेश बिजल्वाण, रितेश वशिष्ठ, विकास जोशी आदि एबीवीपी के कार्यकर्ता मौके पर डटे रहे।
मुख्य चुनाव अधिकारी डा. हरीश चंद्र तिवाड़ी और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के डा. रत्नलाल, डा. अरविंद नारायण मिश्र, बिंदुमति द्विवेदी, डा. लक्ष्मीनारायण जोशी ने छात्रों के एक गुट की शिकायत सुनते हुए कार्यालय बंद करने की कोशिश की। लेकिन छात्रसंघ पदाधिकारियों ने इसे सरकार के दबाव में विवि प्रशासन की ओर से उठाया कदम बताते हुए इसका विरोध किया गया। टकराव की स्थिति को देखते हुए विवि प्रशसान पुलिस को बुला लिया। बहादराबाद के थानाध्यक्ष सूर्य भूषण नेगी ने पुलिस बल के साथ छात्रसंघ पदाधिकारियों को कार्यालय से बाहर निकालकर ताला लगवा दिया। मुख्य चुनाव अधिकारी हरीश चंद्र तिवाड़ी ने बताया के विवि में छात्रसंघ के निर्वाचन के लिए चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद एक गुट के छात्रों की शिकायत पर छात्र संघ के कार्यालय को बंद करा दिया गया है।
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
हरिद्वार। विवि प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षुब्ध छात्रसंघ अध्यक्ष अनूप बहुखंडी, उपाध्यक्ष आशीष सेमवाल, महासचिव ललित शर्मा, कोषाध्यक्ष आशीष पोखरियाल, विवि प्रतिनिधि हरीश जोशी, कार्यकारिणी सदस्य मोहित शर्मा, शुभम सेमवाल ने अपने-अपने से इस्तीफा दे दिया। अनूप बहुखंडी ने कहा कि ववि प्रशासन ने राज्य सरकार के दबाव में कार्यालय बंद करा दिया है। इससे पूर्व विवि में पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ है। साथ ही विवि में छात्रसंघ चुनाव को लेकर लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसके चलते उन्होंने और उनके अन्य पदाधिकरियों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।