श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज/बेस अस्पताल के शौचालय में मिली नन्ही परी अभी 10 दिन और एनआईसीयू (शिशु गहन निगरानी इकाई) में रहेगी। शिशु निकेतन भेजे जाने से पहले बच्ची का नामकरण किया जाएगा।
शनिवार को सीडब्लूसी की अध्यक्ष इंदू वशिष्ठ और सदस्यों ने बेस अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद बैठक आयोजित की। इसमें निर्णय लिया गया है कि कुछ दिन परी को डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाए। इसके बाद उसे शिशु निकेतन भेज दिया जाएगा। परी को गोद लेने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। उसको गोद देने के संबंध में फैसला सीडब्लूसी को करना है। समिति ने बच्ची को शिशु निकेतन भेजने से पूर्व परी का विधिवत नामकरण किए जाने का निर्णय लिया है। वहीं जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) ने बेस अस्पताल प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की लिखित रिपोर्ट तलब की है। साथ ही एसएसपी पौड़ी से भी उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध किया गया है। 4 सितंबर की सुबह बेस अस्पताल के एनआईसीयू के शौचालय में अज्ञात महिला बच्ची (परी) को जन्म देने के बाद छोड़कर चली गई थी। वर्तमान में परी एनआईसीयू में डॉक्टरों की देखरेख में है। बैठक में सदस्य नवीन नौटियाल, गंगोत्री देवी और ऋषि कुमार मौजूद थे।