जोशीमठ। गांवों को गांव ही रहने दें, नहीं चाहिए नगर पालिका के करों का बोझ... जैसे नारों के साथ जोशीमठ पहुंचे ग्राम पंचायत पैनी, सेंलग, मेंरग, बड़ागांव और चांई के ग्रामीणों ने नगर पालिका में शामिल करने का विरोध किया। ग्रामीणों ने नगर से लेकर तहसील परिसर तक ढोल-दमाऊं के साथ प्रदर्शन किया और सीएम का पुतला फूंका।
हाल ही में जोशीमठ नगर के समीपवर्ती गांवों को नगर पालिका में शामिल करने के सरकार के फैसले के विरोध में शुक्रवार को पांच गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सरकार के विरोध में जुलूस-प्रदर्शन कर सीएम का पुतला फूंका। ग्रामीणों ने सरकार की ओर से फैसला वापस न लिए जाने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। साथ ही सीएम को ज्ञापन भेजकर दस दिनों में फैसला वापस लेने की मांग उठाई। मेरग की पूर्व प्रधान सावित्री नेगी, ग्राम प्रधान पैनी लक्ष्मण बिष्ट, उमा देवी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा जैसी योजनाएं चल रही हैं जो पालिका में शामिल होने के बाद बंद हो जाएंगी। ग्रामीणों पर अनावश्यक टैक्स का बोझ डाल दिया जाएगा। गांवों को पालिका में शामिल करने का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान मेरग रमेश लाल, ठाकुर सिंह राणा, हेमा देवी रघुवीर सिंह, अजीत पाल, बलवीर रावत, कुशल कम्दी, सुखदेव सिह और महादीप पंवार आदि मौजूद थे।