श्रीनगर। गोमाता से ही भारत की संस्कृति है। इसलिए गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाए जाने के लिए 18 फरवरी को दिल्ली में भव्य रैली आयोजित की जा रही है। गोक्रांति के अग्रदूत गोपाल मणि महाराज ने यह जानकारी दी।
बृहस्पतिवार को सर्राफा धर्मशाला में आयोजित पत्रकारवार्ता में गोपाल मणि महाराज ने कहा कि गो मंदिर और औषधालय है। जोकि रोगी के लिए डॉक्टर, शिष्य के लिए गुरू है। कहा कि गोमाता को कभी पशु नहीं बोला जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए अलग से मंत्रालय बनाए जाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाय, 10 वर्ष तक के बच्चें को गाय का दूध पिलाया जाय, गोचर भूमि उपलब्ध हो, गाय के गोबर का न्यूनतम मूल्य 10 रुपये प्रति किलो निर्धारित हो व गोवध करने वालों को मृत्यु दंड दिए जाने की मांग की है। गोपाल मणि ने गाय के महत्व पर कहा कि गाय का गोबर जहां रेडिएशन रोकने में सक्षम है, वहीं इसका दूध अमृत व रोग नाशक है जबकि गाय का मूत्र कैंसर व अन्य बीमारियों की अचूक औषधि है। कहा कि गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाए जाने लिए 18 फरवरी 2018 को दिल्ली के रामलीला मैदान विशाल जन रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारियों के लिए जगह-जगह गो कथा का आयोजन कर लोगों को जन- जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर पालिका अध्यक्ष विपिन चंद्र मैठानी, नरेश नौटियाल कुलानंद कंसवाल, आनंद आदि मौजूद थे।