अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम कर्मचारियों को अब अनिवार्य रूप से बायोमीट्रिक हाजिरी लगानी होगी। कारण यह है कि उनका वेतन भुगतान बायोमीट्रिक हाजिरी देखकर किया जाना है। बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त नितिन भदौरिया ने नगर निगम कर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक में करों की वसूली की समीक्षा की। नगर आयुक्त को शिकायत मिली थी कर्मचारी समय से कार्यालय नहीं आते हैं। जिसको गंभीरता से लेते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि कर्मचारियों को अनिवार्य रूप बायोमीट्रिक हाजिरी लगानी होगी और उसके अनुसार ही वेतन दिया जाएगा। बायोमीट्रिक हाजिरी नहीं लगाने वाले कर्मचारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी।
एचआरडीए कार्यालय में कर एवं राजस्व अधीक्षकों, कर निरीक्षकों व संग्रहकर्ताओं की बैठक में टैक्स वसूली की समीक्षा करते हुए नगर आयुक्त ने कर अधीक्षकों को आय बढ़ाने के लिए नए स्रोत जनरेट करने और खर्च घटाने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्रमों व धर्मशालाओं के संबंध में हाउस टैक्स की आवासीय व व्यावसायिक दर से डिमांड तैयार करने को कहा है, ताकि सरकार यदि उन्हें हाउस टैक्स में छूट देती है तो नगर निगम उसकी क्षतिपूर्ति के लिए सरकार को अनुुदान की डिमांड का प्रस्ताव भेज सके। कर अधीक्षकों ने बताया कि करीब 30 हजार भवन स्वामियों को स्वकर निर्धारण के फार्म दिए गए थे। जिनमें से लगभग 20 हजार ने फार्म जमा कर दिए हैं।
ज्वालापुर क्षेत्र के कर निरीक्षक लक्ष्मीकांत ने बताया कि वह 250 भवन स्वामियों को नोटिस दे चुके हैं। कर एवं राजस्व अधीक्षक सुनीता सक्सेना, रमेश रावत व राहुल कैंथोला ने हाउस टैक्स की वसूली में आ रही समस्या से अवगत कराया।
फील्ड का बहाना नहीं चलेगा
बायोमीट्रिक हाजिरी को अनिवार्य करने से उन कर्मचारियों को झटका लगेगा, जो फील्ड में होने का बहाना बनाकर मनमर्जी से आते जाते हैं। नगर आयुक्त के निर्देश के बाद अब सबको पहले निर्धारित समय पर कार्यालय आकर पहले बायोमीट्रिक हाजिरी लगानी होगी। इसके बाद ही वह फील्ड में जाएंगे। इससे फील्ड में होने का नाम लेकर अपने निजी कार्यों में लगे रहने वाले कर्मचारियों को कार्यालय आने की आदत डालनी होगी।