अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मेयर मनोज गर्ग के कार्यकाल के अंतिम दौर में उनके पास केवल छह महीने ही बचे हैं। अपनी ही सरकार से निराशा के भाव वह चाहकर भी छिपा नहीं पा रहे हैं। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के चक्कर काटने के बाद भी वह नगर निगम के कार्यालय भवन निर्माण के लिए 5 करोड़ 60 लाख रुपये नहीं निकलवा पा रहे हैं। उन पर नगर निगम कर्मचारियों की 50 करोड़ रुपये की देनदारी है।
अपनी सरकार आने पर मेयर को इसमें कुछ मदद मिलने की उम्मीद थी, परंतु अब तक कुछ हाथ लगा नहीं है। इसके बावजूद दलीय प्रतिबद्धता के कारण वह मुंह बंद रखे है। इसके विपरीत प्रदेश में कांग्रेस सरकार रहने पर वह खूब हुंकार भरते थे। 2015 में अर्द्धकुंभ मेला योजना में सरकार ने आधुनिक सुख-सुविधायुक्त स्टेट गेस्ट हाउस निर्माण की योजना बनाई और इसके लिए नगर आयुुक्त के आवासीय परिसर की आधी भूमि ली गई। मेयर मनोज गर्ग ने इसका कड़ा विरोध करते हुए बोर्ड से भी विरोध में प्रस्ताव पारित कराया। तब उनकी बात सुनते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने नए कार्यालय भवन निर्माण के लिए 5 करोड़ 60 लाख रुपये देना स्वीकार कर लिया था। अब मेयर को इस स्वीकृत धनराशि को प्राप्त करने के लिए अपनी सरकार तथा अपने शहरी विकास मंत्री के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन उनके हाथ कुछ लग नहीं रहा है।
बहुउद्देशीय भवन को जल्दी मिलेगा पैसा
नगर निगम के प्रस्तावित बहुद्देशीय कार्यालय भवन निर्माण के लिए 5 करोड़ 60 लाख रुपये जल्दी मिलने की उम्मीद है। कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत इस धनराशि को अर्द्धकुंभ मेला की एंपावर्ड कमेटी से कुछ कांग्रेसियों ने अवमुक्त होने से रुकवा दिया था। अब शहरी विकास मंत्री से इस फाइल को दो दिन पहले ही प्रमुख सचिव को अग्रसारित करा दिया है और जल्दी ही स्वीकृत धनराशि के अवमुक्त होने की उम्मीद है। भूपतवाला में अस्पताल तथा इंटर कालेज की फाइल का आगे सरकना शुरू हो गया है। - मनोज गर्ग, मेयर, नगर निगम हरिद्वार