कीर्तिनगर। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का संचालन कर रही कंपनी के खिलाफ सुपाणा गांव में चल रहा धरना-प्रदर्शन स्थगित हो गया है। परियोजना प्रभावितों ने एसडीएम कीर्तिनगर नूपुर वर्मा की मध्यस्थता में कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ता होने के बाद यह निर्णय लिया। वहीं, कंपनी के झूठे आश्वासनों से नाराज एसडीएम ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई।
पेयजल, सड़क, रोजगार, चारापत्ती, भूमि मुआवजा और घाट निर्माण सहित 9 सूत्री मांगों के लिए सुपाणा के ग्रामीण 1 सितंबर से गांव में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि परियोजना संचालन कर रही कंपनी एएचपीसीएल प्रभावितों की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। प्रभावित नापभूमि के मुआवजे के लिए कंपनी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। रविवार को एसडीएम ने धरना स्थल पहुंचकर कंपनी के अधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी लगातार झूठे आश्वासनों से छल रही है। कहा कि कई परिवार रोजगार से वंचित हैं। निर्णय लिया गया कि तहसीलदार प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेंगे। जिन परिवार को रोजगार नहीं मिला होगा, उनको रोजगार दिया जाएगा। परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी ने बताया कि घाट और पेयजल योजना निर्माण के लिए टेंडर हो गए हैं। सड़क पर बरसात के बाद काम शुरू हो जाएगा। भूमि मुआवजा, चारा पत्ती और वाहनों के किराया संबंधी मांगों का तीन माह में निस्तारण किया जाएगा। वार्ता में ग्राम प्रधान लखपत सिंह, शूरवीर सिंह, दयाल सिंह, गोविंद सिंह, देवी रावत, रोशनी देवी, अषाड़ी देवी व हर्षी देवी आदि शामिल थे।