अमर उजाला ब्यूरो
बहादराबाद।
क्षेत्र के गांव सलेमपुर में पानी पीने लायक नहीं रह गया है। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या से जिला प्रशासन के साथ-साथ विधायक को भी जानकारी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूषित जल पीने से ग्रामीण जल जनित बीमारी का शिकार हो रहे हैं। गांव में तीन साल पहले लगवाए गए ट्यूबवेल ठप पड़े हैं।
सलेमपुर गांव के पीने का पानी पीला हो चुका है। लोगों का मानना है कि सिडकुल की फैक्ट्रियों का कैमिकल युक्त गंदा पानी से यह स्थिति पैदा हो रही है। इस पानी को पीने से ग्रामीणों को खुजली, बुखार, फुंसी, फोड़े और बच्चों को पेट बढ़ने की शिकायत आम हो गई है। स्वच्छ पीने के पानी न मिलने से सलेमपुर में नवजात पीढ़ी पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया भी, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया।
ग्रामीण ऋषिपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने विधायक को भी कई बार अवगत कराया, लेकिन उन्होंने भी केवल आश्वासन ही दिया है। ग्रामीण राव मोबिन ने बताया नलों में पीला पानी आने से लोगों ने अपने घरों में समर सेविल लगवाए थे, लेकिन उनका पानी भी पीने लायक नहीं है। स्थिति यह है कि यहां तक कि कपड़े धोने पर पीले हो जाते हैं। सलेमपुर के ग्रामीण शुद्ध पानी नहीं मिलने से स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। लगभग 20 हजार की आबादी वाले इस गांव में लोगों को पीने के लिए स्वच्छ व शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण नरेश कुमार, सतीश कुमार, जनेश्वर कुमार, सोनू, मेघराज, संदीप, परशुराम, काला, मोनू, मनोज, धीर सिंह, महावीर सिंह, आशीष चौहान, अरविंद चौहान, गौरव सिंह, कृष्णपाल, साधुराम, सचिन, राहुल, रोहित, हिमांशु और भोपाल आदि ने शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की है।