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जन हित के मुद्दों पर गंभीर नहीं है राज्य सरकार

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श्रीनगर। एनआईटी के स्थायी परिसर निर्माण सहित अन्य मांगों के लिए आंदोलनरत प्रगतिशील जनमंच (प्रजम) ने जनचेतना रैली निकाली। समस्याओं का समाधान नहीं होने से आक्रोशित प्रजम ने रैली के बाद आयोजित जनसभा में दो अक्तूबर को गढ़वाल बंद का आह्वान किया।
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शनिवार को आयोजित जन चेतना रैली बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए रामलीला मैदान में संपन्न हुई। इसके बाद रामलीला मैदान में जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार जनहित के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है। इस दौरान श्रीनगर के पूर्व विधायक और बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि एनआईटी का बीज पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक ने बोया था। कांग्रेस सरकार ने सुमाड़ी में एनआईटी के लिए जमीन के साथ ही करीब 600 करोड़ का बजट स्वीकृत कराया। भू-गर्भीय सर्वेक्षण में सुमाड़ी की जमीन को एनआईटी के लिए उपयुक्त पाया गया, लेकिन अब भूमि उपयुक्त न होने की बात कही जा रही है। कहा कि अगर जमीन ठीक नहीं थी तो एनआईटी प्रशासन ने यहां बाउंड्रीवाल और पेड़ों का कटान क्यों कराया। गोदियाल ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार जबरदस्ती समस्या पैदा कर रही है। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त अस्पताल के डाक्टरों का स्थानांतरण और शहर में शुद्ध पेयजल व्यवस्था न होने के लिए भी वर्तमान राज्य सरकार जिम्मेदार ठहराया।
प्रगतिशील जनमंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने इसके विरोध में दो अक्तूबर को गढ़वाल बंद का आह्वान किया। जनसभा का संचालन सुरजीत सिंह बिष्ट ने किया। मौके पर वरिष्ठ आंदोलनकारी कुंज बिहारी नेगी, पूर्व पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी, ब्लॉक प्रमुख खिर्सू सुषमा नेगी, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप तिवारी, ध्रुव प्रकाश बंगवाल, गणेश भट्ट, वीरेंद्र सिंह नेगी, झाबर सिंह रावत, प्रेमदत्त नौटियाल, डीपी काला, प्रधान राजेश्वरी देवी आदि मौजूद रहे।
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