सौंग नदी उफनाई, 13 घंटे फंसे ग्रामीण
-- उफनाई सौंग नदी के पानी से काश्तकारों की फसल को नुकसान पहुंचा
-- आवागमन मार्ग चारों तरफ से पानी से घिरे रहे
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
अधिकारियों की अनदेखी की वजह से गौहरीमाफी के ग्रामीणों को हर साल बाढ़ के पानी से आर्थिक नुकसान उठाने पर विवश होना पड़ रहा है। शुक्रवार को ग्राम सभा गौहरीमाफी के ग्रामीणों को 13 घंटे बाढ़ के पानी के बीच रहने को विवश होना पड़ा। मौका मुआयना करने वाले जिम्मेदार भी क्षेत्र में बाढ़ के पानी से हुए नुकसान का जायजा लेने गांव में नहीं घुस सके। बृहस्पतिवार रात भर से हो रही मूूसलाधार बारिश के बाद शुक्रवार को सौंग नदी उफान पर आ गई। जिसके बाद उफनाई सौंग नदी का पानी गौहरी माफी के आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया।
सुबह चार बजे उफनाई सौंग नदी का पानी टिहरी फार्म नंबर एक सत्यनारायण जंगल से आबादी वाले क्षेत्र में घुस गया, जिसके बाद गांव के मुख्य मार्ग बाढ़ के पानी में समा गए। गांव के दोनों मुख्य मार्ग बाढ़ के पानी से घिर जाने के बाद ग्रामीणों को सुबह चार बजे से दोपहर के चार बजे तक पानी की वजह से करीब दो सौ परिवारों को अपने घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामप्रधान सरिता रतूड़ी व उप प्रधान कीर्ति सिंह रावत ने बताया कि रात भर हुई मूसलाधार बारिश के बाद सौंग नदी का पानी सुबह चार बजे आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया, जिसके बाद गांव के मुख्य मार्ग बाढ़ के पानी में समा गए। दिन बीत जाने के बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे की मदद से नदी को पार किया। गांव के युवक देवेंद्र सेमवाल, हरेंद्र राणा, विशाल ने ग्रामीणों को नदी से पार पहुंचाने में मदद की।
गांव में बाढ़ आने की सूचना ग्रामप्रधान व ग्रामीणों ने अधिकारियों को फोन पर दी। बाढ़ के पानी से काश्तकार महावीर पंत, राम सागर नौटियाल, चिंतामणी अवस्थी, राजेंद्र भंडारी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलने पर ऋषिकेश तहसीलदार रेखा आर्य व लेखपाल रिजवान अली गांव में बाढ़ के पानी से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे। लेकिन गांव के मुख्य संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी से घिरे होने के कारण टीम गांव में नहीं घुस सकी। जिसके बाद जिम्मेदार अधिकारी गांव से बिना मौका मुआयना कर वापस लौट गए। उधर, प्रतीतनगर स्थित मुुर्गीफार्म में सौंग नदी के पानी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में पानी घुस आया। हालांकि, किसी के घर में पानी घुसने की खबर नहीं आई। वहीं, हरिपुुरकलां में नाला का पानी आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया, जिसके बाद क्षेत्र में जलभराव की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ा।