गोपेश्वर। बीमाकृत वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर भी जब बीमा कंपनी ने धनराशि का भुगतान नहीं किया तो बीमा धारक को उपभोक्ता फोरम की शरण लेनी पड़ी। तमाम साक्ष्यों के अवलोकन के बाद उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को बीमाधारक को 5,27185 रुपये की धनराशि के भुगतान के आदेश दिए।
चमोली जिले के सुदर्शन सिंह, कुमजुग (घाट) निवासी का वाहन 22 सितंबर वर्ष 2013 को घाट-कुरुड़ मोटर मार्ग पर कणकटी (बगवान) के समीप नीचे खाई में जा गिरा था। वाहन स्वामी सुदर्शन ने इस्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 5,20185 रुपये का बोलेरो का बीमा कराया था। जब बीमाधारक ने वाहन दुर्घटना और बीमा क्लेम के लिए बीमा कंपनी से बात की तो कंपनी ने आनाकानी की। बीमा धारक ने अधिवक्ता की मदद से 9 दिसंबर 2013 को नोटिस भेजा, लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बृहस्पतिवार को जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष/जिला न्यायाधीश प्रदीप पंत, सदस्य क्रांति भट्ट और रैजा चौधरी ने मामले में सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को दुर्घटनाग्रस्त वाहन की बीमा राशि 5,20185 रुपये और बीमा राशि के भुगतान की मांग को लेकर किए गए व्यय के रूप में 7000 रुपये बीमा धारक को देने के आदेश दिए हैं। उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को 45 दिनों में बीमा राशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।