श्रीनगर। रुद्रप्रयाग में ई-रिक्शा ट्रायल के बाद श्रीनगर में भी ई-रिक्शा संचालन की उम्मीद जगी है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल पॉजिटिव रहने पर पहाड़ में ऐसे स्थान चयनित कर विभाग कराधान अधिनियम बदलने पर विचार करेगा। श्रीनगर पालिका ने एक वर्ष पूर्व ई-रिक्शा संचालन का प्रस्ताव पास किया था।
पिछले वर्ष मई माह की बोर्ड बैठक में पालिका ने शहर में ई-रिक्शा संचालन का प्रस्ताव पास करने के साथ ही तीन ई-रिक्शा खरीद किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी, लेकिन परिवहन विभाग ने पालिका के प्रस्ताव को यह कह कर खारिज कर दिया था कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में ई-रिक्शा का संचालन नहीं किया जा सकता। पालिका अध्यक्ष विपिन मैठानी ने कहा कि रुद्रप्रयाग शहर में ई-रिक्शा ट्रायल से श्रीनगर पालिका को उम्मीद जगी है। पालिका सभासद विजय लक्ष्मी रतूड़ी का कहना है कि श्रीनगर, रुद्रप्रयाग की अपेक्षा मैदानी क्षेत्र है। कहा कि पौड़ी जिलाधिकारी को भी इस मामले में पहल करनी चाहिए। वहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में ई-रिक्शा संचालन अवैधानिक है। रुद्रप्रयाग में डीएम ने ई-रिक्शा केवल परीक्षण के लिए मंगाया है। अगर परीक्षण का परिणाम सकारात्मक रहा तो विभाग पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे स्थान चयनित कर कराधान अधिनियम बदलने पर विचार करेगा।
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- रुद्रप्रयाग ई-रिक्शा का संचालन शुरू नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने केवल परीक्षण के लिए कार्रवाई शुरू की है। परीक्षण के परिणाम पॉजीटिव रहा तो विभाग पहाड़ में ऐसे स्थानों का चयन कर कराधान अधिनियम बदलने पर विचार करेगा।
दिनेश पठोई, आरटीओ पौड़ी।