श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड को मैदानी क्षेत्र में शिफ्टिंग की कोशिश करने से नाराज भक्तियाना निवासियों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। संस्थान के मुख्य द्वार पर एनआईटी प्रशासन का पुतला दहन करते हुए अधिकारियों पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया।
सोमवार को भक्तियाना बचाव संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय निवासी राजकीय पॉलीटेक्निक गेट के समक्ष एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने एनआईटी के प्रशासनिक भवन तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। मुख्य गेट के समक्ष प्रदर्शन करते हुए आंदोलनकारियों ने कहा कि पहाड़ की जनता सालों से एनआईटी के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए आंदोलनरत हैं, लेकिन एनआईटी के कुछ तत्वों ने पहाड़ और मैदान का भेद कर छात्रों को भड़काया है। इसके चलते छात्रों ने कैंपस के मैदानी क्षेत्र में शिफ्टिंग के लिए हड़ताल की। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल में एनआईटी के अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका है। क्योंकि अधिकतर मैदानी क्षेत्र से हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान में फैकल्टी और आवास/छात्रावास की जो समस्याएं हैं, उनको दूर किया जाना चाहिए। ताकि वहां अध्ययनरत और कार्यरत कर्मचारियों की दिक्कत दूर हो। प्रदर्शन में समिति के संयोजक कमलेश नैथानी, कांग्रस के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप तिवाड़ी, हिमांशु बहुगुणा, धु्रव नारायण, प्रदीप, महेंद्र असवाल, उत्तम गैरोला, सतेश्वरी गौड़, विनीता पंवार, सतेश्वरी खंडूड़ी उषा नौटियाल, आईसा के अतुल सती व शिवानी पांडेय आदि शामिल थे।