अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने सोमवार सुबह रोशनाबाद स्थित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) के दफ्तर में छापा मारा। इस दौरान भारी अनियमितताएं मिली। काउंटर पर क्लर्क के बजाय में एक प्राइवेट कार चालक काउंटर पर बैठकर लाइसेंस के फार्म बाहर अपने एक परिचित से बिकवा रहा था। इस पर डीएम ने कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। एआरटीओ छापे के दौरान नदारद होने पर उनका जवाब तलब किया गया है। साथ ही एआरटीओ दफ्तर के बाहर खोली गई एक दलाल की दुकान को तत्काल बंद करा दिया। डीएम के छापे से हड़कंप मचा रहा।
जिलाधिकारी को दो दिन पहले शिकायत मिली थी कि एआरटीओ दफ्तर के बाहर ही नहीं अंदर भी दलालों का कब्जा है। शिकायतकर्ता का कहना था कि जहां लाइसेंस के फार्म मिलते हैं वहां एक बाबू का कार चालक बैठा रहता है। कई और अनियमितताएं भी बताई। जिलाधिकारी सोमवार सुबह करीब 11 बजे एआरटीओ दफ्तर पहुंचे । लाइसेंस के फार्म एक कार चालक बाहर किसी परिचित से बिकवाते हुए मिला। बाहर ऑटों में बैठा व्यक्ति पांच रुपये का फार्म बीस रुपये में बेच रहा थ। सरकारी क्लर्क की कुर्सी पर प्राइवेट कार चालक को बैठा देख डीएम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान एआरटीओ मनीष तिवारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। वहीं पाया गया कि दफ्तर के बाहर एक झोपड़ी में दलाल अपना गोरखधंधा चला रहे थे। जिलाधिकारी ने इस दुकान को तत्काल बंद कराने के आदेश दिए। उन्होंने एआरटीओ से कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि सरकारी दफ्तरों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ऐसा कहीं और भी पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फाइलों की गोपनीयता पर भी सवाल
छापे के दौरान कुछ लोगों ने जिलाधिकारी के संज्ञान में यह बातें भी लाई की एआरटीओ कार्यालय में अतिगोपनीय फाइलें भी प्राइवेट लोगों की निगरानी में है। कुछ दलाल ऐसे हैं जो दफ्तर में किसी भी कमरे में जाकर कोई सी भी फाइल खुद ही निकाल लाते हैं। ऐसे में दफ्तर की पूरी गोपनीता भंग है। हालांकि जिलाधिकारी को मौके पर तो ऐसा करते हुए कोई नहीं मिला लेकिन उन्होंने बताया कि इसकी भी जांच की जाएगी।
छापे पड़ते ही भाग खड़े हुएू दलाल
एआरटीओ दफ्तर के बाहर लाइसेंस बनवाने से लेकर गाड़ियों की फिटनेस समेत सभी काम कराने के लिए दलाल सक्रिय रहते हैं। जिलाधिकारी के छापे पड़ते ही दलाल अपना सामान समेटकर रफू चक्कर हो गए, केवल एक व्यक्ति ही मिल पाया। जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।