अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भाजपा और कांग्रेस के बीच किटी घोटाले को लेकर आरोप-प्रत्योरोप की जंग छिड़ गई है। भाजपा ने किटी व्यवसाय को संरक्षण देने का आरोप मढ़ते हुए कांग्रंस के वरिष्ठ नेताओं के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालने की मांग की। आरोप लगाया कि कांग्रेस के संरक्षण में ही किटी संचालक करोड़ों रुपये डकार गए।
शनिवार को मध्य हरिद्वार स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष नरेश शर्मा और विकास तिवारी ने आरोप लगाया कि किटी प्रकरण के लिए कांग्रेस नेता जिम्मेदार हैं। आरोप लगाया कि कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष और पूर्व विधायक की मिलीभगत से ही किटी संचालकों को संरक्षण मिल रहा था। इस बात की जांच होनी चाहिए कि पिछले वर्ष 20 सितंबर को किटी संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद किन कांग्रेस नेताओं के इशारे पर इस मामले को लंबित रखा गया। इस दौरान पांच विवेचना अधिकारी बदले गए और इसके बाद 17 मार्च को अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई।
उन्होंने मांग की कि पूर्व विधायक अंबरीष कुमार समेत हरिद्वार के सभी प्रमुख कांग्रेस नेताओं की फोन कॉल डिटेल की जांच होनी चाहिए। विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार गलत काम करने वालों को कड़ी सजा दिलाने को संकल्पबद्ध है। कहा कि भाजपा उन सभी लोगों के साथ है जिनका पैसा इस घोटाले में डूबा है। ऐसे लोगों को न्याय दिलाया जाएगा। इस दौरान मौजूद भाजपा की मंडल अध्यक्ष कामिनी सड़ाना ने कहा कि किटी प्रकरण का भाजपा से कोई सरोकार नहीं है।