अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सब कुछ ठीक रहा तो ग्रामीण पर्यटन से शीघ्र ही श्यामपुर और लालढांग क्षेत्र की काया सुधरने वाली है। झिलमिल झील और गंगा से जुड़े किनारों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर देश- विदेश के पर्यटकों को यहां खींचा जाएगा। इसके लिए डीएम दीपक रावत ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
हरिद्वार में चंडीघाट से लेकर गंगा की एक धारा श्यामपुर कांगड़ी, टाटवाला, बाहरपीली, सजनपुर पीली और आसपास के अन्य गांवों से होकर गाजीवाली तक जाती है। गंगा से सटे गांवों के आसपास कई ऐसे आकर्षक साइड सीन है जो पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जा सकते हैं। जिलाधिकारी दीपक रावत ने गांव टाटवाला के पास स्थित झिलमिल झील का दौरा करने के बाद यहां पर्यटन का नया जोन विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण पर्यटन से इस क्षेत्र का समग्र विकास कर इसे नया रूप दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यहां के पर्यटन स्थलों को विकसित करने के साथ ही ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ना भी हैं।
अनूठी है झिलमिल झील
ग्राम टाटवाला से सटी झिलमिल झील प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज है। यहां बाहरसिंगा भी देखे जाते हैं। पर्यावरण प्रेमी प्रोफेसर पीएस चौहान ने बताया कि झिलमिल झील उत्तराखंड का एकमात्र ऐसा पर्यटन स्थल है, जहां सर्वाधिक बाहरसिंगा पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि बाहर सिंगा दलदली क्षेत्रों में रहना पंसद करते हैं। उसके हिसाब से यह उत्कृष्ट स्थान है।
डाक टिकट भी किया जा चुका है जारी
बाहरसिंगा को संरक्षित करने के लिए टाटवाला और उसके आसपास के क्षेत्र को केंद्र सरकार की ओर से सामुदायिक संरक्षित क्षेत्र के रूप में भी घोषित किया जा जुका है। इस क्षेत्र विशेष को लेकर डाक टिकट भी जारी किया गया था। नई कार्ययोजना में इन सभी पहलुओं को शामिल कर नए आयाम स्थापित करने का प्रस्ताव है।
इन विभागों का लिया जाएगा सहयोग
जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से सटे इस क्षेत्र को नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन, वन विभाग, मनरेगा, सिंचाई, पंचायती राज आदि विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा।