श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के आरोप में सस्पेंड हुए दो छात्रों के समर्थन में एमबीएसएस के छात्र-छात्राओं ने दूसरे दिन भी धरना दिया। वहीं कॉलेज प्रशासन ने बिना सूचना आंदोलनात्मक गतिविधि संचालित करने पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
बृहस्पतिवार को अनुशासन समिति की बैठक में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर रैगिंग के संबंध में सुप्रीम कोर्ट सहित अन्य संस्थाओं के निर्देशों के बारे में बताया गया। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्र मान गए हैं और शुक्रवार से कक्षाओं में नियमित रुप से पठन-पाठन करेंगे। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम बैच के एक छात्र ने छात्रावास में रैगिंग लिए जाने की शिकायत एंटी रैगिंग हेल्प लाइन में की थी। एंटी रैगिंग कमेटी की संस्तुति पर दोषी दो छात्रों कुलदीप चंद्रा और चंद्रेश मार्तोलिया (2015 बैच) को एक सेमेस्टर के लिए निलंबित कर दिया। इसके निर्णय के विरोध में उनके साथी बुधवार को सड़क में उतर आए। छात्रों ने बिना अनुमति रैली निकालकर और प्रायोगिक परीक्षाओं का बहिष्कार करने की बात कही थी। इधर, प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि छात्रों को नियमों से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने शुक्रवार से कक्षाओं में जाने की सहमति दी है।
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अंडरटेकिंग नहीं भरा
श्रीनगर। मेडिकल कॉलेज के निर्देशों के बावजूद छात्रों ने ऑन लाइन एंटी रैगिंग अंडरटेकिंग नहीं भरी है। प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि 16 अगस्त को आदेश जारी करते हुए छात्रों से ऑन लाइन अंडरटेकिंग भरने के लिए कहा गया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में उन्हें कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। छात्रों को 3 दिन के भीतर अंडरटेकिंग भरने के निर्देश दिए गए हैं। अगर ऐसा नहीं होगा, तो प्रतिदिन 50 रुपये अर्थदंड लिया जाएगा।