फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सता के करीब रहा दंपति

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कुणाल दरगन
हरिद्वार।
शहरवासियों को करोड़ों की चपत लगाने वाले दंपति सविंदर और निशि उर्फ गुरप्रीत अपना कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ उसेे बरकरार रखने के लिए राजनीतिक संरक्षण पाने के लिए हमेशा सत्ता के हमेशा रहे। पहले वे कांग्रेस से जुढ़े रहे तो विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। गुरप्रीत कौर मध्य हरिद्वार मंडल में भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष भी है।
विधानसभा चुनाव से पहले दंपति कांग्रेस की छतरी के नीचे अपने धंधे को संचालित कर रहे थे। तब कांग्रेस के तत्कालीन महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज ने एक होटल में बकायदा कार्यक्रम आयोजित कर दंपति और उनके ग्रुप से जुड़े सैकड़ों लोगों को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई थी। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया था कि एक बड़ा जनाधार इस ग्रुप के रूप में पार्टी से जोड़ा गया है लेकिन पिछले वर्ष सितंबर में समाज सेविका राखी सजवाण ने गुरप्रीत कौर एवं ऐसा ही एक और ग्रुप चलाने वाली भाजपा नेता शिवांगी त्रिपाठी के खिलाफ एडीएम की जांच के बाद कोतवाली ज्वालापुर में किट्टी के अवैध गोरखधंधे का संचालन करने के आरोप में केस रजिस्टर्ड कराया था। केस दर्ज होने के बाद से ही गुरप्रीत और सविंदर संरक्षण पाने के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें उम्मीद के अनुरूप मदद नहीं मिली तो नवंबर में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। मौजूदा कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने जीआईजी मार्ट में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई थी। इसके तुरंत बाद निशि उर्फ गुरपीत कौर को महिला मोर्चा की मंडल उपाध्यक्ष बना दिया गया था।
विज्ञापन

भाजपा में आने का ही असर कहा जा सकता है कि सत्ता में आते ही भाजपा की महिला नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे में ज्वालापुर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। बुधवार को पैसा डूबने से दुखी कई महिलाएं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के कार्यालय में भी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब निशि उर्फ गरुप्रीत को भाजपा की पदाधिकारी बनाया गया है तो उससे लोगों के पैसे भी भाजपा नेताओं को दिलाने चाहिए।


करोड़ों की ठगी प्रकरण में पुलिस भी जिम्मेदार
रिद्वार। आमजन की जमापूंजी के डूबने के हाईप्रोफाइल प्रकरण में पुलिस का रोल भी कम नहीं है। पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभाई होती तो शायद सैकड़ों लोगाें की गाढ़ी कमाई बच सकती थी। हैरान कर देने वाली बात ये है कि एडीएम वित्त ने किट्टी के धंधे को सीधे- सीधे अवैध बताते हुए रिपेार्ट दी थी फिर भला पुलिस ने उसको पलटते हुए फाइनल रिपोर्ट कैसे लगा दी।
करोड़ों की ठगी के बाद एक बात साफ तौर पर दिखाई दे रही है कि आमजन की गाढ़ी कमाई हड़प लेने वाली भाजपा नेता निशि उर्फ गुरप्रीत पर हरिद्वार पुलिस मेहरबान रही है। भाजपा नेता शिवांगी त्रिपाठी और निशि के खिलाफ पुलिस को एक भी साक्ष्य नहीं मिला, जबकि समाजसेविका राखी सजवाण का दावा है कि उनके साक्ष्य को गंभीरता से ही नहीं लिया गया। एडीएम ने भी अपनी रिपोर्ट में किट्टी को अवैध ठहराने के बाद भी भाजपा की महिला नेताओं को क्लीन चिट दे दी गई।
विज्ञापन

भाजपा नेता की है बिल्डिंग
हरिद्वार। जिस बिल्डिंग में सरदार साहब प्रतिष्ठान चल रहा है वह बिल्डिंग भाजपा के पूर्व सभासद सुभाष चंद्र की है। बताते है कि ये बिल्डिंग भारी भरकम रकम प्रतिमाह के किराए पर ली गई है। चूंकि दंपति भी भाजपा से ही ताल्लुक रखते हैं लिहाजा वे इंतमिनान से नेटवर्क की कमान संभाले हुए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें