अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
किट्टी कमेटी एजेंटों के माध्यम से घर- घर तक पहुंची। हर गली में किट्टी कमेटी का सदस्य मौजूद है। गली-गली मेें किट्टी कमेटी के संचालकों के एजेंट सक्रिय हैं।
शहर में किट्टी कमेटियों के 100 से अधिक एजेंट हैं। यह एजेंट गली-गली में कमेटी के सदस्य बनाने के लिए आम लोगों को जोड़ने का काम करती है। ज्वालापुर, कनखल, भूपतवाला, ब्रह्मपुरी, ऋषिकुल से लेकर हरिपुर तक महिलाओं के एजेंट फैले हुए हैं। ये एजेंट आसपास की महिलाओं को इस कमेटी का सदस्य बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसकी एवज में संचालन की ओर से एक सदस्य बनाने पर या तो एजेंट की एक माह की किस्त माफ की जाती थी, या फिर उसको एक हजार रुपये दिए जाते थे। इतना ही महीने में खुलने वाली किट्टी कमेटी पर शानदार पार्टी का भी आयोजन किया जाता था।
पुलिस हिरासत में किट्टी संचालिका ने पूछताछ में बताया है कि उनके साथ 100 महिलाएं है, जिनकों उसने सदस्य बनाने के लिए कमीशन दिया है। पुलिस की राडार में अब 100 एजेंट आ गए हैं। एजेंटों में अधिकांश महिलाएं शामिल है। ब्रह्मपुरी, भूपतवाला, कनखल और ज्वालापुर निवासी एजेंटों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। खास बात यह है कि कमेटी से अमीर से लेकर गरीब परिवार के सदस्य जुड़े हुए है। कमेटी का संचालन राजनीति से जुड़ी महिलाएं कर रही है। इसकी वजह यह भी मानी जा रही है कि राजनीति पार्टियों के नेटवर्क को भी इसमे इस्तेमाल किया जा रहा है।
अब अन्य कमेटी संचालकों की बारी
हरिद्वार। शहर में एक नहीं बल्कि कई किट्टी कमेटियां चल रही है। करोड़ों रुपये फसने के बाद लोग अन्य कमेटी संचालकों के पास पहुंच गई। मंगलवार को शहर में चल रही अन्य किट्टी कमेटियों के दफ्तर पर धमक दे दी है। लोग अपनी रकम वापस करने की मांग पर अड़ गए हैं। अब देखना होगा दूसरे कमेटी संचालकों की दुकानदारी कब तक चल पाएगी।