श्रीनगर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड के स्थायी कैंपस और बेहतर सुविधाओं की मांग के लिए आंदोलनरत छात्र-छात्राओं की निदेशक पद्मश्री डा. सतीश कुमार से वार्ता विफल रही। निदेशक से तीन दौर की वार्ताओं में छात्र कैंपस श्िफ्टिंग की मांग पर अड़े रहे। निदेशक ने चरणबद्ध ढंग से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र नहीं माने। वे तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल से कक्षाओं में उपस्थिति बहुत कम रही।
वहीं, छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को छात्र परिषद के लेटरपेड पर 10 सूत्रीय ज्ञापन भेजा है। इसमें एक माह में कैंपस शिफ्ट करने और कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न करने की मांग की है। एनआईटी के छात्र-छात्राएं रविवार से अचानक हड़ताल पर चले गए। सोमवार देर शाम अतिरिक्त प्रभार देख रहे एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक पद्मश्री डा. सतीश कुमार श्रीनगर पहुंचे। निदेशक, कुलसचिव कर्नल सुखपाल सिंह और संकाय सदस्यों ने रात भर अलग-अलग चरणों में छात्रों और छात्र परिषद के पदाधिकारियों से वार्ता की। छात्रों ने रोष जताया कि सात साल बाद भी एनआईटी के स्थायी कैंपस का निर्माण नहीं किया गया है। उन्होंने कैंपस को मैदानी क्षेत्र में शिफ्ट करने की मांग की। कहा कि अस्थायी कैंपस होने के कारण उनको छात्रावासों में रहने की दिक्कत, स्वास्थ्य सुविधा, शौचालयों की कमी, उपकरण मिलने में समस्या और प्लेसमेंट न मिलने की समस्या हो रही है।
इस पर निदेशक ने एक-एक करके सभी मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कैंपस के संबंध में एमएचआरडी में वार्ता की जाएगी, लेकिन छात्र माने नहीं। मंगलवार सुबह निदेशक कुरुक्षेत्र वापस लौट गए।
नाम बताने को नहीं है तैयार
श्रीनगर। हड़ताल कर रहे छात्र काफी संख्या में एनआईटी प्रशासनिक भवन के प्रांगण में धरना दे रहे हैं, लेकिन जब भी प्रशासनिक अधिकारी उनको प्रतिनिधिमंडल बनाकर वार्ता के लिए आमंत्रित कर रहे हैं, वे तैयार नहीं हो रहे हैं। जो भी पत्राचार किया जा रहा है, उसमें ना तो नाम ना ही हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में गतिरोध खत्म नहीं हो रहा है।
सांसद ने किया उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध
श्रीनगर। एनआईटी के मुद्दे पर लंबे समय बाद गढ़वाल सांसद बीसी खंडूड़ी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र भेजकर एनआईटी के स्थायी कैंपस के निर्माण में हो रही देरी की उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराने और शीघ्र सुमाड़ी में स्थायी कैंपस के निर्माण का अनुरोध किया है।