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देसंविवि में मना गुरुगोविन्द सिंह का 350वाँ प्रकाशोत्सव

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
केंद्रीय संसदीय राज्यमंत्री डा. एसएस अहलूवालिया ने कहा कि सिखों का इतिहास वीरता, शहादत एवं शौर्य की गाथाओं से भरा है। वह वर्तमान में भी यह कार्य बखूबी निभा रहे हैं। देश में लगभग दो प्रतिशत सिख हैं, जो विभिन्न देशों में भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ भारत की पहचान बना रहे हैं। गुरुग्रंथ साहिब में 36 संतों की वाणी है, जिनके अंतिम श्लोक में भगवान श्रीराम का जिक्र है और जो सभी धर्मों की एकता और अखंडता को दर्शाता है। आज जन-जन तक इसकी प्रेरणा को पहुंचाने की जरूरत है। गायत्री परिवार इस काम को सफलता के साथ कर रहा है।
अहलूवालिया मंगलवार को देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के मृत्युजंय सभागार में सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गोविंदसिंह के 350वें प्रकाशोत्सव में बोल रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुग्रंथ साहिब की अरदास से हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि श्रेष्ठ मानव की तीन अवस्थाएं होती हैं, संत, सुधारक और शहीद। इन तीनों गुणों का समन्वित रूप थे गुरु गोविंद सिंह। वह समाज के सामने एक श्रेष्ठ उदाहरण हैं। धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के लिए उन्होंने परिवार तक का बलिदान कर दिया। डा. पंड्या ने कहा कि गुरुग्रंथ की ऊर्जा से देवसंस्कृति विवि में प्रकाशित होगा। उन्होंने घोषणा की कि विवि में गुरुग्रंथ साहिब की स्थापना होगी और गुरुमुखी भाषा की पढ़ाई भी निकट भविष्य में शुरू की जाएगी।
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विशिष्ठ अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारतीय संस्कृति को बचाए रखने में गुरु गोविंदसिंह का अमूल्य योगदान रहा है। आतताइयों के कुचक्रों से संस्कृति को बचाए रखने में उन्हाेंने सर्वोच्च बलिदान दिया। वे त्याग के प्रतिमूर्ति संत थे। उन्होंने कहा कि समाज व देश को एकजुट रखने में सिख धर्म के गुरुओं का विशेष योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन को याद करते हुए गुरु परंपरा के निर्वहन पर जोर दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह वी.भगय्या ने कहा कि जब-जब देश में संकट आया, तब-तब महान गुरुओं ने आगे बढ़कर उसका समाधान निकाला। यहां भक्ति और शक्ति का अनुपम संगम है। सभी मिलकर युवा पीढ़ी को नई दिशा देने के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में आई विपदाओं को गुरुओं ने दूर किया। हम सबको राष्ट्र देवता की आराधना करनी चाहिए। तख्त श्री हरमिंदर साहब के प्रमुख जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह ने कहा कि गंगा स्वच्छता अभियान में गायत्री परिवार के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
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इससे पहले देवसंस्कृति विवि परिवार की ओर से प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर कुलाधिपति ने अतिथियों को स्मृति चिह्न, युगसाहित्य एवं पौधे भेंटकर सम्मानित किया। वहीं सिख भाइयों ने भी शांतिकुंज व विवि परिवार को रूमाला भेंट किया। इस दौरान गोविंद गीता का विमोचन अतिथियों ने किया। इस अवसर पर कुलपति शरद पारधी, कुलसचिव संदीप कुमार, मेयर मनोज गर्ग, जिला व पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा सिख संप्रदाय के अनेक अनुयायियों के साथ विवि व शांतिकुंज परिवार मौजूद रहे।
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