अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी व सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों को एकीकृत कर एक बड़ा बैंक बनाने की सरकार की मंशा के खिलाफ हरिद्वार में भी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के नेतृत्व में बैंक कर्मियों की हड़ताल रही। उन्होंने ओबीसी बैंक पुराना रानीपुर मोड़ के समक्ष विरोध-प्रदर्शन भी किया। बैंकों की बंदी की वजह चेकों की क्लीयरिंग से लेकर लेन-देन तक ठप रहा। इससे हरिद्वार में करीब 500 करोड़ का लेन-देन प्रभावित रहा।
हरिद्वार जिले में सरकारी बैंक की एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बडौदा, इलाहाबाद बैंक, नैनीताल बैंक, यूको बैंक समेत कई अन्य सरकारी बैंकों की 300 से अधिक शाखाओं में मंगलवार को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से ताले लटके रहे। इससे बैंकिंग सेवाएं ठप रही। बैंक यूनियनों से जड़े कर्मचारी पुराने रानीपुर मोड़ स्थित ओबीसी शाखा के समक्ष पहुंचे। जहां उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। संबद्ध यूनियन ऑल इंडिया बैंक इंपलाइज यूनियन के अध्यक्ष एनबी कपूर ने कहा कि सरकार की जन विरोधी बैंकिंग सुधारों, कारपोरेट अनार्जक आस्तियों के बट्टे खातों में डालने और बैंक शुल्कों में वृद्धि को लेकर उनका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही छह अन्य मांगे भी हैं। सचिव धीरज भट्ट ने कहा कि अनार्जक आस्तियों की वसूली पर संसदीय समिति की अनुशंसाओं को लागू करने, खराब ऋणों की वसूली के लिए कठोर उपायों की जरूरत, प्रस्तावित एफआरडीआई बिल की वापसी, बैंक बोर्ड ब्यूरों के उन्मूलन, सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती एवं कर्मचारियों को से संबंधित मुद्दों को लोकर एक दिवसीय हड़ताल की गई। बताया कि जिले भर के बैंकों की शाखाओं में प्रतिदिन 500 करोड़ से अधिक का टर्नओवर होता है। प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों में अंकुश झांब, बिजेंद्र, मनोज, पंकज कौशिक, दिनेश, सतीश भट्ट, भावना जोशी, आंचल, नेहा कंडारी पम्मी नौटियाल, अंकित गोयल, सुरेंद्र, अजित, अकांक्षा, निधी, अतुल त्यागी, भीम, आशुतोष शर्मा समेत कई अन्य शामिल रहे।
हड़ताल की वजह से एटीएम हुए ड्राई
हरिद्वार। बैंक कर्मियों की हड़ताल से एटीएम भी प्रभावित रहे। दोपहर बाद शहर के अधिकतर एटीएम ड्राई होने से शटर डाउन हो गए। एसबीआई, पीएनबी, ओबोसी समेत अन्य बैंक के एटीएम के शटर 12 बजे के बाद डाउन हो गए। जिन बैंकों के एटीएम खुले थे, उसमें कैश नहीं होने से निकासी के लिए लोगों को भागदौड़ करनी पड़ी। ज्वालापुर निवासी रवि ने बताया कि दर्जनभर एटीएम बूथ पर दौड़ने के बाद एक जगह पैसा मिला। बैंकों की एटीएम व्यवस्था पूरी तरह फेल रही। ब्यूरो
लोगों ने झेली पूरी तरह परेशानी
हरिद्वार। बैंक कर्मियों की हड़ताल से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल की जानकारी नहीं होने से कई उपभोक्ता निराश लौटे। भीमगोड़ा निवासी अनुज गुप्ता ने बताया कि बैंक में चेक जमा कराना था, लेकिन बैंक बंद होने से काम नहीं हो सका। अब कल उनको बाहर जाना है, जिससे काम दो दिन के लटक गया है। आशीष जैन ने बताया कि जरूरत की वजह से बैंक एफडी तुड़वाने आया था, लेकिन बैंक ही बंद मिला।