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एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र से रैगिंग मामले में पूछताछ

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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के रैगिंग मामले में पीड़ित छात्र और सीनियर छात्रों से एंटी रैगिंग कमेटी ने पूछताछ की। पीड़ित छात्र ने दो सीनियर छात्रों की पहचान की है। सीनियर छात्रों ने पीड़ित से नाम-पता पूछे जाने की बात तो कबूली, लेकिन उन्होंने मारपीट से साफ इनकार कर दिया।
14 अगस्त को एंटी रैगिंग हेल्प लाइन दिल्ली को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ने ई-मेल भेजकर शिकायत की थी कि उसके साथ 9, 10 और 12 अगस्त को रैगिंग हुई। उसका आरोप है कि सीनियर छात्रों ने उसकी गर्दन को पकड़कर पीटा, बाल छोटे करने को कहा और कमीज के तीसरे बटन में देखने को बोला।
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हेल्प लाइन से कॉलेज को मेल मिलने के बाद जांच शुरू हो गई। सोमवार को छात्रों के अवकाश होने के बाद उनको एंटी रैगिंग कमेटी के समक्ष बुलाया गया। कमेटी के समक्ष अपने पिता के साथ आए पीड़ित छात्र ने बताया कि वह बहुत बुरी तरह से डर गया था। उसको रैगिंग लेने वाले छात्रों ने धमकाया था कि प्राचार्य भी रिटायर होने वाले हैं। पास-फेल करना भी उनके हाथ में है। इसलिए उसने दिल्ली अपने घर पहुंचने के बाद शिकायत की। वह इतना परेशान हो गया कि एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़ने के साथ ही सुसाइड के बारे में सोचने लगा था।
उसने बताया कि नजर नीची होने की वजह से कुछ ही छात्रों को पहचान कर सकता है। इसके बाद उसके समक्ष वर्ष 2015 बैच के छात्रों को पहचान के लिए बुलाया गया। इनमें से उसने दो छात्रों को पहचान लिया। इनमें से एक छात्र ने 9 अगस्त को नाम-पता पूछने की बात स्वीकारी, लेकिन उसने मारपीट से इनकार कर दिया। दूसरे छात्र का कहना था कि उसने पीड़ित छात्र से बागेश्वर का होने के नाते बात की थी। वहीं पीड़ित छात्र के साथ छात्रावास में कमरे में रहने वाले छात्रों ने उसके रोने और सिर के पीछे सूजन की पुष्टि की। समिति ने दोनों आरोपी छात्रों से अपने साथियों का नाम बताने के लिए कहा, लेकिन छात्र कुछ बताने को तैयार नहीं हैं।
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इधर, प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि आरोपी व पीड़ित पक्ष को सुना जा रहा है। अन्य आरोपियों के लिए पूछताछ जारी है। आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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