अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में पीएचडी के साक्षात्कार का रिजल्ट रोकने पर छात्र कल्याण परिषद ने प्रोफेसर के निलंबन की मांग की है। छात्र नेताओं ने प्रोफेसर का सोमवार तक निलंबन नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने छात्र हित में पीएचडी एवं एमफिल के साक्षात्कार का रिजल्ट जारी करने की मांग की है।
संस्कृत विश्वविद्यालय में 29 जुलाई को पीएचडी एवं एमफिल में प्रवेश के लिए साक्षात्कार परीक्षा हुई थी। विश्वविद्यालय में बीएड विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहनचंद्र बलोदी की ओर से पीएचडी एवं एमफिल के साक्षात्कार में चयनित छात्र-छात्राओं के नाम की सूची विवि प्रशसान को नहीं दी गई। जिससे बीएड विभाग में पीएचडी और एमफिल में छात्र-छात्राओं का पंजीयन नहीं हो सका। जिस पर विवि प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रो. मोहानचंद्र बलोदी को विभागाध्यक्ष पद से हटा दिया था। मामला सामने आने के बाद छात्र कल्याण परिषद ने कुलसचिव को ज्ञापन देकर प्रो. बलोदी के निलंबन और साक्षात्कार का रिजल्ट जारी करने की मांग की है। छात्रसंघ अध्यक्ष अनूप बहुखंडी ने साक्षात्कार का रिजल्ट रोकने को छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। छात्र नेता धीरज सिंह, हरीश चंद्र ने सोमवार तक रिजल्ट और प्रोफेसर का निलंबन नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। कुलसचिव को ज्ञापन देने वाले छात्रों में मोहित शर्मा, गणेश दत्त, आशीष पोखरियाल, शुभम सेमवाल, यश नैथानी, अमित, राजीव, अनिरुद्घ,पुनीत, विमल, ललित, जितेंद्र, नीरज, रविंद्र सिंह, शुभम झा आदि मौजूद थे।