अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरिद्वार ऊर्जा निगम वसूली करने में पिछड़ता जा रहा है। 19 करोड़ रुपये की बिजली खर्च करने वाले हरिद्वार शहर के उपभोक्ताओं से 16 करोड़ की ही वसूली हो पा रही है। इससे क्लोजिंग के समय ऊर्जा निगम को रिकवरी का मोटा टारगेट मिलता है।
हरिद्वार शहर डिवीजन में मायापुर, बैरागी, भोपतवाला, लालजीवाला समेत छह सब डिवीजन हैं। शहर के डिवीजन में करीब 80 हजार से अधिक उपभोक्ता है। लगातार उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन हरिद्वार को मिलने वाली बिजली सीमित ही है। सालाना 228 करोड़ रुपये की बिजली हरिद्वार के उपभोक्ता फूंक रहे हैं। जब बिल भरने की बात आती है तो 192 करोड़ की ही वसूली हो रही है। एक माह की बात की जाए तो प्रत्येक माह 19 करोड़ की बिजली फूंकी जा रही है, जबकि प्रत्येक माह औसतन 16 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पा रही है। यही वजह है कि साल की क्लोजिंग में विभाग पर करोड़ो रुपये की वसूली का टारगेट मिलता है। अधिकारियों की मानें तो जल्द ही हरिद्वार में वसूली अभियान चलाया जाएगा। भीमगोड़ा, हरकी पैड़ी, कनखल पर अभियान का खासा जोर रहेगा। यहां के उपभोक्ताओं पर सबसे अधिक बकाया रहता है। अधिशासी अभियंता वीएस पंवार ने बताया कि प्रतिमाह वसूली में कमी आ रही है। साल के अंत तक वसूली पूरी कर ली जा जाती है। जल्द ही अभियान चलाकर वसूली की जाएगी।