शहरभर के निजी व टैक्सी वाहनों को किया जा रहा हास्पिटल में पार्क
ठेकेदार हर महीने वसूल रहा निजी वाहनों से सैकड़ों रुपये पार्किंग शुल्क
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अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में सरकारी पार्किंग प्राइवेट वाहनों के लिए संचालित हो रही है। यहां बनी पार्किंग का उपयोग अस्पताल में आने वाले रोगी व तीमारदार कम कर पा रहे हैं, कारण उन्हें बाहरी वाहनों के अस्पताल में पार्क होने से स्थान उपलब्ध नहीं हो पाता। अस्पताल के अधिकारियों की मिलीभगत से पार्किंग को संचालक ने प्राइवेट पार्किंग बना दिया है। जिसमें बाकायदा आसपास के बाजार के व्यापारियों के वाहनों ही नहीं बल्कि टैक्सी वाहनों को भी बाकायदा पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसकी एवज में संबंधित ठेकेदार द्वारा वाहन संचालकों से मासिक शुल्क की वसूली की जा रही है।
राजकीय चिकित्सालय में आने वाले रोगी, तीमारदारों व चिकित्सकीय स्टाफ के वाहनों को पार्क करने के लिए बनी पार्किंग प्राइवेट पार्किंग के तौर पर संचालित की जा रही है। पार्किंग के लिए अस्पताल में स्थान भी निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके यहां बाजार के कई व्यापारियों, निजी चिकित्सकों के चार पहिया वाहनों को भी पार्क कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
विभिन्न रूटों पर संचालित होने वाले वाहनों को भी यहां अस्पताल परिसर में पार्क कराया जा रहा है। जिनसे संबंधित ठेकेदार पांच सौ रुपये से अधिक मासिक शुल्क वसूल रहा है। बाहरी वाहनों को यहां पार्किंग सुविधा देने के चलते राजकीय अस्पताल के इस खाली स्थान का भी धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कि पार्किंग परिसर घोषित ही नहीं है।
सोमवार को अस्पताल में ओपीडी सेवाएं सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक थी, मगर शाम के चार बजे तक अस्पताल की पार्किंग व गैर पार्किंग एरिया में दर्जनों निजी वाहन खड़े थे। यह सब अस्पताल प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। ऐसे में अस्पताल में उपचार कराने वाले लोगों को ही अपने वाहनों को पार्क करने के लिए जगह नहीं मिल पाती। उन्हें अस्पताल परिसर के बाहर सड़क के किनारे अपने वाहनों को पार्क करना पड़ता है।
निजी पार्किंग पर लगे रोक
ऋषिकेश। नगर पालिका के पूर्व सभासद हरिशंकर प्रजापति, सुनील अरोड़ा, अशोक गांधी आदि का कहना है कि राजकीय अस्पताल की पार्किंग के निजी पार्किंग पर रोक लगनी चाहिए। यहां उपचार के लिए आने वाले लोगों को अपने वाहनों को पार्क करने को जगह नहीं मिल पाती।
कोट :
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी और किसी भी बाहरी वाहन को अस्पताल कैंपस में पार्क नहीं होने दिया जाएगा।
- डा. विजयेश भारद्वाज, कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एसपीएस राजकीय चिकित्सालय।