देवप्रयाग। नगर क्षेत्र में अलकनंदा झूला पुल की मामूली मरम्मत किए जाने पर लोग भड़क गए। उन्होंने मरम्मतीकरण को खानापूर्ति बताते हुए एक सप्ताह में पुल की पूरी मरम्मत न किए जाने पर आंदोलन और काम बंद करने की चेतावनी दी है।
अलकनंदा और भागीरथी नदी पर निर्मित झूला पुलों की जीर्ण शीर्ण स्थिति को देखकर फरवरी 2014 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने सुधारीकरण के लिए क्रमश: 23 और 24 लाख रुपये की मंजूरी दिलाई थी। वर्ष 2017 की शुरुआत में भागीरथी झूला पुल का तो जीणोद्धार हो गया। वहीं, बाह बाजार स्थित अलकनंदा झूला पुल का मरम्मतीकरण कार्य शुरू नहीं हो सका। लोगों के आक्रोश को देखते हुए लोनिवि ने अब मरम्मतीकरण शुरू करवाया, लेकिन काम की स्थिति को देखते हुए लोग भड़क गए। सोमवार को लोगों ने काम कर रहे मजदूूरों से काम के संबंध मे पूछा, तो बताया गया कि सिर्फ कुछ प्लेट बदली जाएंगी। स्थानीय निवासी राजेश मिश्रा, माधव, शुभम, सुदीप ध्यानी, जगदीश भट्ट व अखिलेश ने बताया कि अगर पुल का कार्य भागीरथी पुल की तरह नहीं किया गया तो यहां पर काम नहीं होने दिया जाएगा। कहा कि विभाग मरम्मत के नाम पर पैसों को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा है। कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर विभाग पुल की पूरी मरम्मत नहीं करता है, तो काम ठप कराने के साथ ही आंदोलन किया जाएगा।
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बाह बाजार झूला पुल काफी पुराना है। इस पर ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। जहां टूट फूट है, उसी की मरम्मत की जा रही है। वर्ल्ड बैंक ने यहां नए पुल का प्रस्ताव रखा है।
एसके तोमर, अधिशासी अभियंता लोनिवि श्रीनगर