अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन में देश में जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं का कहना था कि जातीय आरक्षण के चलते कई प्रतिभाएं उच्च पदों तक पहुंचने में नाकाम रह जाती हैं। सम्मेलन में उत्तराखंड सरकार से व्यापारी कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग भी पुरजोर ढंग से उठाई गई है।
भूपतवाला स्थित जयराम आश्रम में रविवार को दो दिवसीय अग्रवाल सम्मेलन के पहले दिन मुख्य अतिथि एवं विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जाति आधारित आरक्षण के कारण उनकी बेटी अंतिम दौर में आईएएस नहीं बन पाई। उसके पीछे वाला आरक्षण का लाभ उठाते हुए सलेक्ट हो गया। उन्हें अपने समाज से यह भी शिकवा है कि विधानसभा चुनाव इस समाज ने उन्हें हराने का काम किया था। प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हम अग्र समाज हैं, लेकिन एकजुट नहीं होने के कारण दिखाई नहीं देता है। इसलिए अग्र समाज की चिंता कोई पार्टी नहीं करती है। अभा अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने जाति आधारित आरक्षण पर हमला बोलते हुए कहा कि इसके नाम पर गरीबी से खिलवाड़ किया जा रहा है। गरीबी को आरक्षण का आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने हरियाणा सरकार की तरह उत्तराखंड सरकार में व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग की और जीएसटी से कुछ धनराशि उसके कोष में देकर व्यापारियों को पेंशन देनी चाहिए। पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन ने अपने शिक्षण संस्थान में समाज के गरीब बच्चे को नि:शुल्क शिक्षा दिलाने की घोषणा की। अतिथियों पर प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए प्रदीप चौधरी ने भी आरक्षण व्यवस्था पर हमला बोला। पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि अग्रवाल समाज समावेशी समाज है जो सबके साथ चलता है और सबको साथ लेकर चलता है। अग्रवाल सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष पराग गुप्ता, महामंत्री संजय गुप्ता, अरविंद अग्रवाल, विधायक संजय गुप्ता, मीरा गुप्ता, प्रदीप मित्तल, रश्मि अग्रवाल आदि ने भी विचार रखे।