देवाल। सात दशक बाद भी देवाल ब्लाक के छह से अधिक गांव बिजली की राह देख रहे हैं। यहां ग्रामीण विद्युत निगम देहरादून की ओर से बनाई गई लाइनों पर जनवरी 2017 में एक दिन के लिए बिजली गांवों में चालू की गई थी, लेकिन एक दिन बाद लाइनों को जर्जर बताते हुए बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। तब से यहां ग्रामीण लालटेन युग में रहने को मजबूर हैं।
ब्लाक के सूयालकोट घाटी के सौरीगाड़, हरमल, चोटिंग, रामपुर, तोरती और झलिया सहित आसपास के गांवों में आज भी बिजली नहीं है। यहां के लोग की रोशनी में गुजारा कर रहे हैं। क्षेत्र में बिजली, सड़क आदि समस्याओं के लिए पिंडारी संघर्ष समिति के लोग ब्लाक और तहसील में आंदोलन करते रहे। तब ग्रामीण विद्युतीकरण के तहत पांच साल पहले यहां लाइनें तो बिछा दी गईं लेकिन चालू नहीं हुई। फिर ग्रामीणों ने ब्लाक मुख्यालय में दिसंबर 2016 में 13 दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद ऊर्जा निगम ने गांवों के लिए बनाई गई लाइन पर जनवरी अंत में एक दिन के लिए बिजली सप्लाई की। तब लाइनों को जर्जर बताते हुए फिर आपूर्ति ठप कर दी गई। इस बीच ग्रामीणों से बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन भी किए थे। पिंडारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दर्शन दानू ने बताया कि निगम की ओर से बिजली कनेक्शन के लिए खेता में शिविर भी लगाया गया, जिसमें एक माह में बिजली सप्लाई शुरू करने की बात कही गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं है।
कोट
बिजली लाइन ठीक करने का काम ग्रामीण विद्युत निगम देहरादून का है। इसके लिए प्रस्ताव काफी पहले भेज दिया गया है। लाइन दुरुस्त होने के बाद ही कनेक्शन दिए जाएंगे। - डीएस चौधरी, ईई ऊर्जा निगम नारायणबगड़।
ग्रामीण ऊर्जा निगम की ओर से देवाल ब्लाक के घेस, हिमनी गांव सहित जिले के सभी गांवों के विद्युतीकरण के लिए टेंडर निकाले गए थेे, लेकिन किसी भी कंपनी ने तय रेट में टेंडर नहीं भरे गए हैं। दोबारा टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। - अरुणकांत, ईई ग्रामीण विद्युत निगम देहरादून।