गोपेश्वर। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद राजकीय इंटर कालेज कांडई में शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। दो सप्ताह पहले कांडई गांव की छात्रा गायत्री कठैत ने सीएम को फोन कर विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती की मांग की थी, लेकिन पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे चमोली जिले में शिक्षकों की तैनाती करना शिक्षा विभाग के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
जीआईसी कांडई में 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां इंटरस्तर पर रसायन विज्ञान, गणित, भूगोल, अंग्रेजी और जीव विज्ञान के शिक्षकों के पद रिक्त हैं। हाईस्कूल स्तर पर अंग्रेजी व व्यायाम में शिक्षक लंबे समय से नहीं हैं। बीती 14 जुलाई को कांडई गांव की छात्रा गायत्री कठैत का भाई स्कूल गया और जल्दी लौट गाया। जब गायत्री ने इसका कारण पूछा तो स्कूल में शिक्षक न होने से पढ़ाई न होने की बात कही गई। तब गायत्री ने सीएम से फोन पर वार्ता की और जीआईसी कांडई की स्थिति से अवगत कराते हुए विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती की मांग की। इस पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शीघ्र विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती के लिए शिक्षा निदेशक को निर्देश देने का आश्वासन दिया था। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी पृथ्वी सिंह कठैत और पीटीए अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी का कहना है कि सीएम के आश्वासन के बावजूद विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पा रही है तो स्कूलों की अव्यवस्थाएं कैसे सुधरेंगी।
निदेशालय से चक्रीय क्रम में समीप के विद्यालयों से जीआईसी कांडई में शिक्षकों की तैनाती के निर्देश मिले हैं। विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही जीआईसी कांडई में शिक्षक भेज दिए जाएंगे। - ललित मोहन, सीईओ, चमोली।