अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
प्रदेश की सबसे प्रमुख सुधारात्मक जेलों में शुमार हो चुकी हरिद्वार की रोशनाबाद स्थित जिला कारागार में सोमवार को रक्षाबंधन का त्योहार सादगी के साथ मनाया गया। महिला बंदियों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाने आए जिलाधिकारी ने सबसे कुशलक्षेम पूछी और उनकी समस्याएं जानीं। महिला बंदियों के आग्रह पर उन्होंने गीत सुनाया तो सबकी की आंखें भर आई। उन्होंने डीएम को खुशी के पल अपने साथ बिताने पर उन्हें दुआएं भी दी। बाद में जिलाधिकारी ने मातृांचल की अनाथ बच्चियों के साथ भी खुशियां बांटी।
जिलाधिकारी दीपक रावत सोमवार सुबह ही जिला कारागार पहुंच गए। जहां जिला कारागार प्रशासन की ओर से बंदी महिला और पुरुष बंदियों को रक्षाबंधन का पर्व मनाने की अनुमति दी गई थी। जेल में पहुंचे जिलाधिकारी को 35 ऐसी महिला बंदियों ने राखी बांधी, जिनके भाई किन्हीं कारणों से उनके पास राखी बंधवाने नहीं पहुंच सके थे। जिलाधिकारी ने सबको त्योहार की शुभकामनाएं देने के साथ ही उनकी समस्याएं सुनीं लेकिन किसी ने कोई समस्या नहीं बताई।
कुछ महिलाओं ने आग्रह किया कि जिलाधिकारी उनके लिए कोई गीत गाएं। इस आग्रह को दीपक रावत ने तत्काल स्वीकार कर लिया और फूलों का, तारों का, सबका कहना है, एक हजारों में मेरी बहना है गीत सुनाया। डीएम की इस आत्मीयता से महिला बंदियों की आंखें भर आई। काफी देर तक उनके साथ रहने के बाद जिलाधिकारी लौट आए। उधर काफी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने जेल पहुंचकर वहां बंद अपने भाइयों को राखी बांधी तथा उनकी लंबी उम्र की कामना की। जेल अधीक्षक बीपी पांडे तथा जेलर एसएम सिंह समेत कई अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे। जेल से आने के बाद जिलाधिकारी दीपक रावत अपनी पत्नी विजेता रावत के साथ कनखल स्थित माताृंचल संस्था में पहुंचे और वहां रह रहीं अनाथ बच्चियों के साथ रक्षा बंधन का त्योहार मनाया। बच्चियों ने राखी बांधी तो डीएम ने भी उन्हें मिठाइयां और उपहार भेंट किए। बच्चियों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि उनके लिए संस्था के परिसर में बनाए गए मैदान को समतल कराया जाए, जिस पिर जिलाधिकारी ने उन्हें शीघ्र ही यह व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान संस्था की संस्थापिका कमलेश भारती और प्रबंधक ममता अग्रवाल आदि ने जिलाधिकारी और उनकी पत्नी का स्वागत किया।