श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के छात्रावास में रैगिंग लिए जाने की घटना से नवांगतुक छात्र मुकर गए। शिकायत की जांच करने पहुंचे अधिकारियों के समक्ष छात्रों ने रैगिंग होने से साफ मना कर दिया।
मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एमबीबीएस 2017-18 बैच (प्रथम सेमेस्टर) शुरू हो गया है। नवांगतुक छात्र-छात्राओं को मेडिकल कॉलेज व बेस अस्पताल परिसर में स्थित छात्रावासों में कमरे आवंटित किए गए हैं। दो दिन पूर्व किसी अज्ञात व्यक्ति ने एंटी रैगिंग हेल्प लाइन में मेल कर सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग लिए जाने की शिकायत की थी। आनन-फानन में प्राचार्य ने सीनियर छात्रों, इंटर्न और जेआर को रैगिंग की श्रेणी में आने वाली गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी जारी की।
वहीं हेल्प लाइन में की गई शिकायत की भी जांच शुरू कर दी। जांच को पहुंचे अधिकारियों से बात करते हुए प्रथम सेमेस्टर के छात्रों ने रैगिंग की घटना से इनकार कर दिया। छात्रावास में गए कोतवाल एनएस बिष्ट ने बताया कि छात्रावास में सभी ने सीनियर छात्रों की ओर से रैगिंग लिए जाने या कोशिश करने की घटना से मना किया है। प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत का कहना है कि हेल्प लाइन में की गई शिकायत के बाद जांच की गई। रैगिंग की शिकायत झूठी पाई गई। रिपोर्ट भेज दी गई है।