देवाल। नंदा लोक जात यात्रा को लेकर जहां ग्रामीणों में उत्साह हैं वहीं अभी तक प्रशासन उदासीन है। यात्रा 15 अगस्त को घाट के कुरूड़ से शुरू होगी और नंदा सप्तमी 28 अगस्त को वेदनी कुंड में यात्रा की पूजा होगी। इसके बाद नंदा की डोली गांव-गांव का भ्रमण करने के बाद पांच अक्तूबर को देवराड़ा मंदिर पहुंचेगी और इसकी के साथ यात्रा का समापन हो जाएगा। ग्रामीण यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से इसमें कोई सहयोग नहीं दिया जा रहा है।
श्री नंदा देवी राजराजेश्वरी लोक जात यात्रा 15 अगस्त से सिद्पीठ कुरूड़ मंदिर से चरबंग पहुंचेगी। यह यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए देवाल ब्लाक के कोठी तथा घरातल्ला गांव में 23 अगस्त को पहुंचेगी। यात्रा 28 अगस्त को वेदनी कुंड पहुंचेगी। इसके बाद डोली वांक गांव पहुंचेगी, जहां से विभिन्न गांवों का भ्रमण करेगी। पांच अक्तूबर को देवराड़ा मंदिर पहुंचकर नंदा लोक जात यात्रा का समापन होगा। इस यात्रा के लिए धरातल्ला, पूर्णा, देवाल, इच्छोली, हाटकल्याड़ी, फल्दियागांव, कांडे, लब्बू, मुंदोली, लोहाजंग, वांण, ल्वाणी, उलंग्रा आदि गांवों में लोग तैयारियों में जुटे हैं। यहां सभी गांवों में संपर्क मार्गों की मरम्मत और साफ सफाई ग्रामीण खुद कर रह हैं। वहीं वाण गांव से आगे निर्जन पड़ाव गैरोली पातल और वेदनी तक तथा वापसी में आली बुग्याल होते हुए वांक पहुंचने तक का रास्ता क्षतिग्रस्त पड़ा है। यहां पेयजल सहित रास्तों के काम वन विभाग के हवाले है, लेकिन अभी तक वन विभाग नंदा लोक जात के लिए कोई तैयारी शुरू नहीं कर पाया है। ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट का कहना है कि नंदा लोकजात यात्रा के अधिकांश पैदल रूट वन विभाग के पास है। वाण से आगे वेदनी तथा आली बुग्याल से वांक तक के पैदल मार्गों की मरम्मत, पेयजल तथा रात्रि प्रवास के लिए वन विभाग को लिखा जा रहा है।
एक सप्ताह में होगी मरम्मत
देवाल। वन विभाग के रेंजर टीएस बिष्ट ने बताया कि वाण से आगे वेदनी तक के पैदल मार्ग की मरम्मत एक सप्ताह में कर दी जाएगी। यात्रा के वापसी मार्ग आली-वांक पैदल मार्ग को भी ठीक कर लिया जाएगा। यात्रा मार्ग पर पेयजल आदि जरूरतों को मुहैया कराने के प्रयास भी विभाग करेगा।