अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
श्री पंचायती अखाड़ा निर्मला की जनरल बॉडी के संतों को पुलिस प्रशासन ने अखाड़ा में जाने से रोक दिया। जिससे उनकी बैठक अखाड़ा में नहीं हो सकी। बाद में उन्होंने सुखदेव कुटी में बैठक कर अध्यक्ष श्रीमहंत के खिलाफ निंदा प्रस्ताव करते हुए पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। बैठक में प्रस्ताव पर जनरल बॉडी के 70 सदस्यों में से 65 ने हस्ताक्षर किए। हालांकि बैठक के सचिव बलवंत सिंह अखाड़ा में श्रीमहंत से मिलने पहुंचे, लेकिन वे नहीं मिले। वहीं अखाड़ा में एहतियातन पीएसी तैनात है।
शनिवार को निर्मल समाज की जनरल बॉडी की बैठक अखाड़े में रखी गई, लेकिन मामला विवादित होने पर सुखदेव कुटी में रुके संतों को सीओ सिटी जेपी जुयाल ने अखाड़ा में जाने से रोक दिया। इसके बाद देश भर से आए संतों ने सुखदेव कुटी में ही बैठक का निर्णय लिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुई संतों की बैठक 2.30 बजे तक चली। बैठक में शामिल हुए सर्व भारत निर्मल अखाड़ा महामंडल के प्रधान महंत संतोख सिंह और मुखिया महंत दर्शन सिंह के नेतृत्व में अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित हुआ। इसके साथ ही एक नोटिस तैयार किया गया, जिसमें सचिव को हटाने पर, बयान जारी करने पर और अध्यक्ष को सुखदेव कुटी में न आने आदि मुद्दे शामिल किए गए। नोटिस सहित अन्य प्रस्तावों पर जनरल बॉडी के 70 में से 65 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। मुखिया महंत दर्शन सिंह ने कहा कि उनका प्रयास है कि मामला बिना किसी विवाद के सुलझ जाने से अखाड़ा का हित है। उन्होंने बताया कि मामला सुलझाने को अखाड़ा परिषद समेत अन्य संतों से वार्ता की जा रही है। अखाड़ा के सचिव महंत बलवंत सिंह ने कहा कि अभी अध्यक्ष श्रीमहंत से वार्ता चल रही है। जनरल कमेटी के सचिव महंत हाकम सिंह, कोषाध्यक्ष महंत विक्रमजीत सिंह, प्रीतम सिंह खडिया, गोपाल सिंह, मंजीत सिंह हरकवाल, हरबंस सिंह चीमा, कश्मीर सिंह मुक्तसर, संता सिंह, सुरिंदर पाल, सरजीत सिंह, चमकौर सिंह, सतनाम सिंह, जगराव सिंह, सुखदेव सिंह, जगतार सिंह आदि शामिल हुए।
अखाड़ा में गए और मत्था टेककर आए
पंचायती अखाड़ा निर्मला के सचिव महंत बलवंत सिंह अखाड़ा में पहुंचे और वहां पर गद्दी पर मत्था टेका। इसके बाद वहां पर संतों से अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह से मिलने के लिए कहा, लेकिन वहां पर उनका स्वास्थ्य ठीक न होने का हवाला देते हुए उन्हें मिलने नहीं दिया गया। हालांकि दोनों पक्षों के संतों ने वार्ता की और अध्यक्ष श्रीमहंत से मिले। अखाड़ा के संत कमलजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि अभी वार्ता चल रही है। निर्मल समाज श्रीमहंत के साथ हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही कोई परिणाम निकलकर सामने आएगा।