श्रीनगर। ठेकेदार संघ ने ठेकेदारों के प्रति सरकार की मंशा की कड़ी आलोचना की है। आरोप लगाया कि प्रोसेसिंग शुल्क के साथ ही अन्य नियम लागू कर सरकार पहाड़ के छोटे ठेकेदारों को बेरोजगार करने की साजिश रच रही है। ठेकेदारों ने प्रस्ताव वापस न लिए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को लोक निर्माण खंड परिसर में ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह रावत की अध्यक्षता में संगठन की बैठक आयोजित हुई। ठेकेदारों ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बाजार मूल्य कम होने से प्रस्ताव में मांगी गई हैसियत को पूरा कर पाना हर किसी ठेकेदार के लिए संभव नही है। इसके साथ ही पंजीकरण के लिए कार्य की लागत का जो अनुभव मांगा गया है वह भी किसी एक अपवाद को छोड़ कर किसी भी ठेकेदार के पास नही है। इस मौके पर भानु बिष्ट, सुरेंद्र उनियाल, विनोद बिष्ट, मोहनचंद्र गायत्री, भरत सिंह नेगी, जेसी पांडे, सुखदेव पंत आदि मौजूद थे।