रतनमणी डोभाल
हरिद्वार।
प्रधानमंत्री की 2022 तक हाउसिंग फॉर ऑल योजना में आवास के लिए जनपद के नौ निकाय क्षेत्रों से 28758 बेघर परिवारों ने आवेदन किया है। एक परिवार को औसतन पांच सदस्यों का मानते हुए जिले के शहरी क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख की आबादी बेघर आंकी गई है। जिले की सभी नौ निकायों ने घर के लिए मिले आवेदनों की सूची जिलाधिकारी की ओर से नामित नोडल अधिकारी सीडीओ को सौंप दी है।
नगर निगम क्षेत्र हरिद्वार से सर्वाधिक 15476 और सबसे कम शिवालिकनगर से 94 लोग बेघर हैं। नगर निगम रुड़की में 6249 बेघर लोगों के आवेदन मिले हैं। 20638 आवेदनों को केंद्र सरकार की साइट पर अपलोड कर दिया गया है। आवेदन फार्मों में से 5795 का ही सत्यापन हो पाया है। पीएम आवास योजना में 15 जून 2015 से पहले निवासरत तथा देश में कहीं भी परिवार का घर नहीं होने वाले ही आवेदन करने के पात्र थे। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोगों ने भी आवेदन किए हैं जिनके दूसरे राज्यों में घर है। घर पिता के नाम होने के कारण बेटे ने स्वयं को बेघर दिखाकर आवेदन किया है। नगर आयुुक्त अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि सत्यापन के समय आवेदन फार्म को आधार नंबर से लिंक करने से पता चल जाएगा कि उसने कुछ छिपाया तो नहीं है।
निकायवार प्राप्त आवेदन पत्रों का विवरण
नगर निगम हरिद्वार-15476
नगर निगम रुड़की- 6249
नगर पंचायत झबरेडा- 650
नगरपालिका लक्सर- 1058
नगरपालिका मंगलौर- 3247
नगर पंचायत भगवानपुर-818
नगर पंचायत पिरान कलियर- 380
नगरपालिका शिवालिक नगर- 94
नगर पंचायत लंढौरा - 786
गरीबों के 96 आवास हो रहे बर्बाद
केंद्र सरकार की वित्तपोषित वर्ष 2007 की शहरी गरीबों की आवास योजना (बीएसयूपी) बेसिक सर्विस अरबन पुअर के लिए नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत पांवधोई ज्वालापुर में 96 आवासों के चार ब्लाक वर्ष 2012 से बने हैं। लेकिन पांच साल से सिस्टम इन आवासों को पात्र लोगों को आवंटित नहीं कर पा रहा है। चार करोड़ रुपये से अधिक लागत में बने गरीबों के आवास बरबाद हो रहे हैं और जरायमपेशा लोगों ने उनमें अपना अड्डा बना रखा है। राजनीतिज्ञों ने अपनी-अपनी सूचियां बनवा रखी हैं। ऐसे में आवंटन नहीं हो पा रहा है। जिन पात्र लोगों की सूची केंद्र सरकार के पास है वे ढूंढे नहीं मिल रहे हैं।