अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
जिला अस्पताल में 13 साल बाद फिजिशियन की ओपीडी शुरू हो सकी है। फिजिशियन डा. संदीप टंडन ने सेवाएं देनी शुरू कर दी है। इससे मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही जिला अस्पताल से स्थानातंरित नेत्र रोग और एनेस्थेसिस्ट (बेहोशी के डाक्टर) का तबादला भी रुक गया है। जबकि जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. एचके सिंह ने मेला अस्पताल में बैठकर ओपीडी शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल में 13 साल से कोई फिजिशियन नहीं था। अब फिजिशियन डा. संदीप टंडन ने जून में अस्पताल में ज्वाइन कर लिया था। तब उनकी ड्यूटी चारधाम यात्रा में लगाई गई थी। अब वहां से रिलीव होकर उन्होंने जिला अस्पताल में सेवाएं देनी शुरू कर दी है। उन्हें अस्पताल के प्राइवेट वार्ड नंबर 4 में कक्ष आवंटित किया गया है। उनके सेवा देने से डेंगू के साथ ही अन्य गंभीर मर्ज के मरीजों का इलाज अस्पताल में संभव होगा। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. सुब्रत अरोड़ा और उनकी पत्नी एनेस्थेसिस्ट डा. निष्ठा गुलाटी का तबादला भी रुक गया है। दोनों डाक्टरों ने अपनी सेवाएं देनी शुरू कर दी है। जबकि नेत्र विशेषज्ञ डा. चंदन मिश्रा और एनेस्थेसिस्ट डा. राजकुमार भी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. एचके सिंह ने अपनी ओपीडी मेला अस्पताल में शुरू कर दी है। सीएमएस डा. आरती ढौंडियाल का कहना है कि जिला अस्पताल में डाक्टरों की तैनाती से अब हर संभव इलाज मिल सकेगा।