नाम का तहसील दिवस
शिकायतें 72, निस्तारण एक का भी नहीं
-- तहसील दिवस पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से उमड़े फरियादी
-- एडीएम ने अफसरों को पखवाड़े भर में शिकायतों के निस्तारण के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
तहसील दिवस का आयोजन इसलिए होता है कि जिन शिकायताें का निस्तारण मौके पर करना हो तो अधिकारियों को आदेश जारी करके उनका निस्तारण किया जाता है। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस पर 72 शिकायतें दर्ज की गई, मगर इनमें से निस्तारण एक का भी नहीं हुआ। इस मौके पर एडीएम ने श्रम विभाग को एक सप्ताह और अन्य महकमों को 15 दिन के भीतर शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। आयोजित तहसील दिवस में बिजली, पानी, सड़क, अतिक्रमण, पेंशन, बाढ़ सुरक्षा और श्रम विभाग आदि से जुड़े मुद्दे छाए रहे। इस दौरान फरियादियों की ओर से 72 शिकायतें दर्ज की गई, जिनमें सर्वाधिक श्रम और समाज कल्याण विभाग से जुड़ी शिकायतें शामिल रही।
इस दौरान एडीएम अरविंद कुमार पांडेय ने नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए फरियादियों की शिकायतों को सुना। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को सप्ताह भर और अन्य विभागों को एक पखवाड़े में शिकायतों का निस्तारण कराने को कहा। एडीएम ने कहा कि शिकायत का समाधान होने पर संबंधित शिकायतकर्ता को भी इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। एडीएम ने अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका प्राथमिकता से हल निकालने को भी कहा।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी हर गिरि, बीडीओ अनीता पंवार, बीईओ एमएल प्रसाद, एसडीओ वन विभाग बीबी मार्तोलिया, नगर पालिका के ईओ महेंद्र यादव, लोनिवि से सतीश कुमार, जलकल अभियंता एवीएस रावत, एसडीओ ऊर्जा निगम महेंद्र सिंह, अरविंद, रेंज अधिकारी गंगासागर नौटियाल आदि अधिकारी मौजूद थे।
----------------------------------
औपचारिकता साबित हो रहा है तहसील दिवस
-- कई बार तहसील दिवस पर शिकायतें करने के बावजूद नहीं हो रहा है निस्तारण
हेमवती नंदन भट्ट
ऋषिकेश।
सूबे में नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए आयोजित होने वाले तहसील दिवस महज औपचारिक साबित हो रहे हैं। इनमें प्रशासन फरियादियों को उनकी लंबित समस्याओं के निस्तारण का भरोसा तो दिलाता है, मगर समाधान नहीं होता। लिहाजा लोगों को हर महीने आयोजित होने वाले तहसील दिवस पर अपनी समस्याओं को लेकर फेरे लगाने पड़ रहे हैं। ऋषिकेश का तहसील दिवस इसकी तस्दीक करता है। यहां कई फरियादी ऐसे में जो महीनों, वर्षों से लगातार अपनी फरियाद सुना रहे हैं मगर उनका निस्तारण नहीं निकल पा रहा।
होना तो यह चाहिए कि नागरिकों की समस्याओं का निपटारा विभागों के स्तर पर ही हो जाए, मगर जब उनकी सुनवाई विभागों में बैठे अफसर नहीं करते, तो पीड़ित लोग प्रशासन द्वारा हर महीने आयोजित होने वाले तहसील दिवस की ओर रुख करते हैं। मगर यहां भी उनकी समस्या को समाधान नहीं मिलता। आलम यह है कि ऋषिकेश तहसील में आयोजित होने वाले तहसील दिवस पर कई लोगों को अपनी शिकायतें दर्ज कराते कराते महीनों बीत चुके हैं। वह तहसील का फेरा लगाते लगाते थक हार चुके हैं मगर प्रशासन से उनके मर्ज का इलाज नहीं हो पा रहा।
केस स्टडी-1
वर्ष 1994 में अभिभाजित यूपी के समय परिवार नियोजन योजना के अंतर्गत ऋषिकेश क्षेत्र के 19 लोगों को नसबंदी कराने की एवज में आवास के लिए सरकार ने पट्टे दिए थे। मगर उन्हें राजस्व विभाग के अधिकारियों ने सोमेश्वरनगर के समीप वन भूमि पर कब्जा दिला दिया। लिहाजा हस्तांतरण प्रक्रिया अपनाए बिना दी गई भूमि से उन्हें वन विभाग ने खदेड़ दिया। इसके बाद से ही उक्त लोग आवासीय भूमि के लिए तहसील के चक्कर काट रहे हैं। योजना के पात्र कुंवर सिंह रौथाण ने बताया कि वह करीब 10-12 बार तहसील दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। मगर 23 साल बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया।
केस स्टडी-दो
ग्राम पंचायत खदरी खड़कमाफ की जनता भी प्रशासनिक लापरवाही से परेशान हैं। ग्राम प्रधान सरोप सिंह पुंडीर ने बताया कि उनकी ग्रामसभा का सर्वे कार्य 1992 से सर्वे कार्य लंबित है। जिसके कारण ग्रामीणों को खाता खतौनी की नकल के लिए दून के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वह कई बार तहसील दिवस पर पंचायत की भूमि संबंधी रिकॉर्ड देहरादून से ऋषिकेश तहसील भेजने की मांग उठा चुके हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
केस स्टड़ी- तीन
शहर के बीचोंबीच हरिद्वार हाईवे पर पुरानी चुंगी के समीप एक निजी भूखंड पर नगर पालिका पूरे शहर का कूड़ा डंप कर रही है। डंपिंग ग्राउंड में कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका सभासद शिव कुमार गौतम, सुमित पंवार आदि ने बताया कि बरसात में यहां जमा कूड़े से उठने वाली दुर्गंध से लोग परेशान होते हैं। इससे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। तहसील दिवस पर प्रशासन से कईदफा कूड़े के ढेर को हटाने की मांग और ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था की मांग की जा चुकी है, मगर कोई समाधान नहीं हो रहा।