अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरिद्वार में अब तक 2288 व्यापारियों ने ही जीएसटी नंबर लिया है, जबकि जिले में वैट देने वालों की संख्या 2900 के करीब थी।
केंद्र सरकार की ओर से सभी कर समाप्त करने के बाद जीएसटी कर एक जुलाई को लागू किया गया। सरकार ने वैट देने वाले व्यापारियों को जीएसटी नंबर लेने के लिए तीन माह का समय दिया है। एक माह में वैट देने वाले सभी व्यापारियों ने जीएसटी नंबर नहीं लिया है।
हरिद्वार में जीएसटी लागू करने से पहले वैट देने वालों व्यापारियों की संख्या करीब 2900 थी। जीएसटी लागू करने के बाद हरिद्वार को सात सेक्टरों में बांटा गया। सभी सेक्टर प्रभारी अपने सेक्टर के व्यापारियों को जीएसटी नंबर लेने की अपील करने में जुट गए। कर लागू होने के एक माह बाद भी 2288 लोगों ने जीएसटी नंबर लिया है। सेक्टर एक में 145, सेक्टर दो में 162, तीन में 151, चार में 163, पांच में 182, छह में 172 और सात में 169 व्यापारियों ने आवेदन कर जीएसटी नंबर लिया है। हरिद्वार वाणिज्य कर विभाग से 1144 व्यापारियों ने जीएसटी नंबर लिया है। , जबकि केंद्र सरकार के वाणिज्य कर विभाग से भी 1144 व्यापारियों ने जीएसटी नंबर लिया है। डिप्टी ज्वाइंट कमिश्नर अनुराग मिश्रा के मुताबिक काफी संख्या में लोगों ने जीएसटी नंबर ले लिया है। नए व्यापारियों को जीएसटी से जोड़ने के लिए रैली के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।
वैट देने वाले व्यापारियों को जीएसटी नंबर लेने के लिए अंतिम मौका 30 सितंबर तक का दिया गया है। 30 सितंबर तक जीएसटी नंबर न लेने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जबकि नए व्यापारी कभी भी जीएसटी नंबर ले सकेंगे। उधर नए व्यापारियों को जीएसटी से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।