देवप्रयाग/श्रीनगर। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कौड़ियाला (किमी 265) के समीप चट्टान गिरने से यातायात बाधित हो गया। इससे बदरीनाथ-केदारनाथ व हेमकुंड यात्रा भी प्रभावित हुई। जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में सोमवार को सब्जी, दूध और अखबार सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित भी नहीं हो पाई। बदरीनाथ हाईवे के बाधित होने पर लोगों को पौड़ी-कोटद्वार, देवप्रयाग-टिहरी और ऋषिकेश-टिहरी-मलेथा राजमार्ग से भेजा गया। वहीं लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की मशीन सुबह से बोल्डर हटाने में जुटी हुई हैं।
सोमवार तड़के भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर कौड़ियाला से लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे व्यासी की ओर चट्टान टूटने से भारी भरकम बोल्डर सड़क पर आ गिरे। इससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सड़क खुलने का आसार न देख सब्जियों के ट्रक मंडी वापस लौट गए। ऐसे में पहाड़ की ओर से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई में नहीं हो पाई। मार्ग बाधित होने पर लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने सुबह ही मशीनों को मलबा हटाने में लगा दिया, लेकिन लगातार मलबा गिरने से काम करने में दिक्कत हुई। मार्ग खुलने में लग रहे वक्त को देखते हुए यात्रा और लोकल वाहनों को देवप्रयाग से वाहनों को गजा-खाड़ी मार्ग से होकर ऋषिकेश भेजा जा रहा है। वहीं, नजीबाबाद जाने वाले वाहनों को वाया सतपुली-कोटद्वार मोटर मार्ग से रवाना किया गया। लोनिवि एनएच डिवीजन के सहायक अभियंता मौ. तहसीन ने बताया कि राजमार्ग खोलने के लिए बोल्डर को ब्लास्ट करके तोड़ा जा रहा है। देर रात तक सड़क खुल सकती है। इधर, देवप्रयाग पुलिस ने बताया कि देवप्रयाग से 38 किमी आगे चट्टानी मलबा करीब 80 मीटर क्षेत्र में गिरा हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वाहनों को दूसरे मार्गों से ऋषिकेश भेजा जा रहा है।