श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड का स्थायी कैंपस निर्माण और राजकीय संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में चिकित्सकों की तैनाती की मांग के लिए विभिन्न गांवों से आए लोगों ने मशाल जुलूस निकाला। सरकार की उपेक्षा पर आक्रोश जताते हुए लोगों ने नारेबाजी की गई।
रविवार देर शाम प्रगतिशील जनमंच के बैनर तले सुमाड़ी, दांदड़ी, खालू, चमराड़ा, नयालगढ़, झपडय़ूं, मलेथा व उफल्डा सहित अन्य गांवों के लोगों ने एकजुट हुए। लोगों ने शहर क्षेत्र में मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। वहीं सोमवार को पूरे दिन प्रजम का धरना प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार के आदेश पर शहर में स्थित संयुक्त अस्पताल के चिकित्सकों का ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन इनके स्थान पर दूसरे डॉक्टर नहीं भेजे गए। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमराई हुई है। कहा कि जनता यहां चिकित्सकों की मांग करती आ रही है। इसके उलट यहां से चिकित्सकों का ट्रांसफर कर दिया गया। जनमंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआईटी के स्थायी परिसर के निर्माण को उलझा दिया गया है। कहा कि अगर केंद्र सरकार चाहती, तो आज तक सुमाड़ी में काम शुरू हो जाता, लेकिन सरकार जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। बताया कि अनिल स्वामी ने बताया कि पूर्व कैबिनेट मंत्री और उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने पहाड़ विरोधी आंदोलन के लिए लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया है।
इस मौके पर सुरजीत बिष्ट, संजय घिल्डियाल, जेपी पुरी, जय सिंह भंडारी, शंकर सिंह, रतन सिंह, विमला कोठियाल, सुनीता पंवार, शक्ति कगड़ियाल, योगेंद्र कांडपाल, हर्ष सिंह रावत और रामदेव आदि मौजूद थे।