गोपेश्वर। पर्यावरण संसाधन केंद्र बछेर में जलवायु परिवर्तन एवं आपदा कारण एवं निदान विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी का शुभारंभ महात्मा गांधी शांति पुरस्कार विजेता व पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य में असीमित एवं असंयमित विकास मानव जनित आपदा को खुला न्योता दे रहे हैं। विकास की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए पहाड़ों में सड़कों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों का कटान और अनियंत्रित मलबे का निस्तारण किया जा रहा है।
गोष्ठी में चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्तिगत, सामूहिक एवं सरकारी प्रयासों से पौधों का रोपण किया जा रहा है, लेकिन विकास की अनियंत्रित गति से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। सड़क के लिए पेड़ काटे जा रहे हैं तो निर्माण कार्यों का मलबा नदियों में उड़ेला जा रहा है, जिससे नदियों के तल में वृद्धि होने से आपदाओं में वृद्धि हो गई है। उन्होंने आपदाओं और जलवायु परिवर्तन पर प्रभावी रोक के लिये शोध कार्य कर पर्यावरण संरक्षण के लिए पुख्ता कार्य योजना तैयार करने की बात कही। गोष्ठी में पीजी कॉलेज गोपेश्वर के छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। इस मौके पर प्रमुख वन संरक्षक दिग्विजय खाती, ममंद अध्यक्ष कलावती देवी, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की डीएफओ नीतू लक्ष्मी एम, दरवान सिंह, अब्बल सिंह, भूपाल सिंह, शिवचंद्र सिंह रावत, दर्शन सिंह नेगी, सौंणी देवी, पुष्पा देवी और अनिल कुमार आदि मौजूद थे। गोष्ठी का संचालन सीपीबी ट्रस्ट के मुख्य न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने किया।