श्रीनगर। जीआईसी श्रीनगर से मॉडल स्कूल का दर्जा छिन सकता है। विभाग का कहना है कि मॉडल स्कूल ने अगर अच्छा परिणाम नहीं दिया तो दर्जा समाप्त कर दिया जाएगा। जीआईसी श्रीनगर में इस शिक्षा सत्र में कक्षा 6 में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है।
सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए चलाई गई मॉडल स्कूल योजना शहर में परवान नहीं चढ़ पा रही है। मॉडल स्कूल के लिए चयनित जीआईसी में इस शिक्षा सत्र में कक्षा 6 में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। पिछले शिक्षा सत्र में भी यहां कक्षा 6 में मात्र एक ही छात्र ने प्रवेश लिया था। वहीं कक्षा 7 व 8 में भी छात्रों की संख्या दहाई का अंक नहीं छू पाई है। सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अप्रैल माह में स्कूल चलो अभियान भी चलाया गया था। बीईओ खिस एमएल आर्य का कहना है कि सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों को नजरिया बदलना पड़ेगा। जहां तक मॉडल स्कूलों की बात है अगर मॉडल स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है तो माडल स्कूलों का दर्जा छीन दिया जाएगा।
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-आस-पास के क्षेत्र में कई सरकारी जूनियर हाईस्कूल हैं। सरकारी प्राइमरी स्कूल के छात्र इन विद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं। इसी कारण हमारे विद्यालय में छात्रों के प्रवेश नहीं हो रहे हैं।
सरोप सिंह मेहरा, प्रधानाचार्य, जीआईसी श्रीनगर।