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परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठा हटाया गया कर्मचारी

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तर प्रदेश पूर्वी गंगनहर से हटाया गया कर्मचारी इंसाफ की मांग को लेकर शनिवार को अपने परिवार के साथ अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया। कर्मचारी का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद विभाग उसे नौकरी पर नहीं रख रहा है।
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ज्वालापुर के राजीवनगर निवासी जनक सिंह पूर्वी उत्तर प्रदेश गंगनहर में सुपरवाइजर के पद पर भर्ती हुआ था। आरोप है कि वर्ष 1986 में तत्कालीन अधिशासी अभियंता गुलजारी लाल ने बिना नोटिस दिए जनक सिंह को हटा दिया। वर्ष 1996 में हटाए गए कर्मचारी ने कोर्ट में वाद दर्ज कराया। जनक सिंह के अनुसार वर्ष 2012 में वह निचली अदालत से केस जीत गया। उसके अनुसार इसी साल जनवरी में हाईकोर्ट ने भी विभाग को उसे दोबारा नौकरी में रखने के आदेश दिए हैं, लेकिन छह माह तक भटकने के बाद भी उसे इंसाफ नहीं मिला। बार-बार चक्कर काटने के आद भी उसे टाला जा रहा है। निराश होकर शनिवार को जनक सिंह अपनी पत्नी सुदेश देवी और बेटी ज्योति तथा पूजा के साथ पूर्वी उत्तरी गंगनहर खंड के अधिशासी अभियंता विजय वीर सिंह यादव के कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गया। जनक सिंह ने बताया कि इंसाफ मिलने तक उसका संघर्ष जारी रहेगा। उधर शनिवार को कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने भी हटाए गए कर्मचारी का समर्थन किया है।
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