फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...महिला अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी पर लगा ब्रेक

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
निश्चेतक डाक्टर का एकतरफा तबादला होने और उनका प्रतिस्थानी नहीं मिलने से महिला अस्पताल में एक महीने से सीजेरियन डिलीवरी नहीं हो पा रही है। महिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से शासन को कई बार पत्र भेजने के बाद भी कोई जवाब तक नहीं आ रहा है। ऐसे में प्रसुताओं और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल से 26 जून को निश्चेतक डाक्टर का तबादला होने पर रिलीव कर दिया था। एक तरफा रिलीव करने के बाद अस्पताल में बेहोशी की दवा देने वाला डाक्टर नहीं बचा। इससे महिला अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी होनी बंद हो गई है। बोर्ड पर नोटिस चस्पा कर दिया है कि जिला महिला अस्पताल के निश्चेतक डाक्टर का स्थानांतरण हो गया है। सीजेरियन ऑपरेशन की सुविधा नये डाक्टर के आने तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सीजेरियन डिलीवरी न होने से गर्भवतियों से लेकर स्टाफ भी परेशान है। गरीबों का एकमात्र सहारा सरकारी अस्पताल होते हैं, लेकिन महिला अस्पताल से उन्हें निराश होकर जाना पड़ता है।
विज्ञापन


प्रतिदिन दो से चार होती हैं सीजेरियन डिलीवरी
महिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 डिलीवरी होती है, जिनमें दो से चार डिलीवरी सीजेरियन होती है। जनपद में रुड़की सिविल अस्पताल के बाद हरिद्वार महिला अस्पताल में ही सीजेरियन की सुविधा है। सीएचसी, पीएचसी से जिन महिलाओं को नार्मल डिलीवरी नहीं हो पाती, उन्हें महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है।

प्राइवेट में 30 से 60 हजार तक खर्चा
सीजेरियन डिलीवरी अब आम बात हो गई है। प्राइवेट अस्पतालों में सीजेरियन डिलीवरी पर अधिक फोकस किया जाता है। जिसमें प्राइवेट अस्पतालों में नार्मल डिलीवरी में 8 से 15 हजार रुपये ले लिए जाते हैं तो सीजेरियन डिलीवरी के 30 से 60 हजार रुपये तक लिए जाते हैं। अस्पतालों में इसका बाकायदा पैकेज बनाया हुआ है।
विज्ञापन


वर्जन
26 जून को निश्चेतक को शासन के निर्देश पर एक तरफा रिलीव करना पड़ा, लेकिन उनके बदले में दूसरा डाक्टर नहीं आया। इसके चलते हुए बोर्ड पर सूचना चस्पा कर दी गई है कि नए डाक्टर के न होने तक सीजेरियन डिलीवरी नहीं हो सकती। शासन को तीन बार डाक्टर भेजने को मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई जवाब नहीं आता।
डा. भवानी पाल, सीएमएस, महिला अस्पताल हरिद्वार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें