गोपेश्वर। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। बदरीनाथ हाईवे पर हनुमान चट्टी से देवदर्शनी तक कई जगहों पर हाईवे संकरा और तीखे मोड़ हैं, लेकिन यहां सुरक्षा के लिए पैराफिट और स्टील गार्डर नहीं लगाए गए हैं। हाईवे के ठीक नीचे से अलकनंदा और ऊपर चट्टान है। पोखरी-गोपेश्वर, लासी-सरतोली, नंदप्रयाग-घाट, घाट-कांडई, कांडई पुल-बैरासकुंड, घाट-बांजबगड़, पोखरी-रोता, हापला-धोतीधार, पोखरी-कर्णप्रयाग, चमोली-मंडल-ऊखीमठ, गोपेश्वर-घिंघराण-कुजौं-मैकोट जैसी महत्वपूर्ण सड़कों पर पैराफिट नहीं लगे हैं। इतना ही नहीं 26 मई 2016 को चमोली-लासी-सरतोली मोटर मार्ग पर जिस स्थान से जीप खाई में गिरी थी, वहां अभी तक पैराफिट नहीं लगाए गए हैं।
भाजपा के नगर अध्यक्ष राजेंद्र ममगाईं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली अधिकांश सड़कें चट्टानी भाग से होकर गुजरती हैं, लेकिन निर्माणदायी संस्थाओं की ओर से सड़कों के किनारे पैराफिट लगाने में लापरवाही बरती जाती है, जबकि यह वाहन दुर्घटनाओं को रोकने में कारगर साबित होता है। इधर, सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल एसएस मक्कर का कहना है कि बदरीनाथ हाईवे पर अधिकांश जगहों पर पैराफिट स्थापित किए गए हैं। जिन स्थानों पर पैराफिट नहीं लगे हैं, उन स्थानों को चिन्हत कर यहां शीघ्र सुरक्षा के इंतजाम कर दिए जाएंगे।
चमोली जिले में बड़ी वाहन दुर्घटनाएं-
05 जनवरी 2016- घाट-नंदप्रयाग सड़क पर बस दुर्घटना, चार की मौत, 21 घायल।
17 अप्रैल- ग्वालदम रोड़ पर कार दुर्घटना, एक की मौत, तीन घायल।
26 मई- चमोली-लासी सड़क पर मैक्स दुर्घटना, 5 की मौत।
11 जून- कर्णप्रयाग-पोखरी सड़क पर कार दुर्घटना, 2 की मौत।
25 अगस्त- बदरीनाथ हाईवे पर पीपलकोटी में मैक्स दुर्घटना, 9 घायल।
13 सितंबर- नंदासैंण में कार दुर्घटना, 3 की मौत, 8 घायल।
26 अक्तूबर-बैनीताल मोटर मार्ग पर कार हादसा, चार की मौत दो घायल।
11 नवंबर- थराली सड़क पर जीप दुर्घटना, दो की मौत, 8 घायल।
24 नवंबर- सोनला-कंडारा सड़क पर मैक्स दुर्घटना, 6 की मौत, 5 घायल।
02 दिसंबर- घाट-सलबगड़ सड़क पर मैक्स दुर्घटना, चालक की मौत।
12 जनवरी 2017-बदरीनाथ हाईवे पर चटवापीपल के पास कार दुर्घटना, एक की मौत, दो घायल।
14 जून- बदरीनाथ की यात्रा पर लौट रहे रोहतक के तीर्थयात्रियों का वाहन अनियंत्रित होकर अलकनंदा में गिरा, तीन की मौत, एक घायल।