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गायत्री के फोन पर शुरु हुई कार्रवाई, शिक्षा निदेशक ने विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति के दिए आदेश

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गोपेश्वर। अपने भाई और अन्य बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित छात्रा गायत्री कठैत की हिम्मत रंग लाई है। गायत्री ने जीआईसी कांडई में शिक्षकों की कमी से हो रही दिक्कत पर सीएम से बात की तो सीएम ने स्कूल में शिक्षकों की तैनाती के निर्देश विभाग को दिए। स्कूल में जल्द शिक्षकों की तैनाती होेगी।
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15 जुलाई को जीआईसी कांडई में बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत सचिन स्कूल से जल्दी घर लौट गया। जब उसकी बहन गायत्री ने सचिन से स्कूल जल्दी आने का कारण पूछा तो उसने बताया कि विद्यालय में मुख्य विषयों में शिक्षकों के रिक्त पद पड़े हैं और पढ़ाई नहीं हो रही है। अपने भाई और अन्य बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित बीएससी की छात्रा गायत्री कठैत ने रात आठ बजे मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी जेसी खुल्बे को फोन किया और सीएम से बात करने की इच्छा जताई। इस पर सीएम ने स्वयं छात्रा से बात की। गायत्री ने बताया कि जीआईसी कांडई में शिक्षकों की कमी से विद्यालय में अध्ययनरत करीब 300 छात्र-छात्राओं का भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। सीएम ने छात्रा की बात को गंभीरता से लिया और तत्काल शिक्षा सचिव को विद्यालय में मुख्य विषयों में शिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए। शिक्षा निदेशक ने चमोली के जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल जीआईसी कांडई में मुख्य विषयों में शिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। डीईओ (माध्यमिक) आशुतोष भंडारी का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी घाट को चक्रीय क्रमानुसार समीप के विद्यालयों से कांडई में शिक्षकों की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।

इंसेट
स्थापना काल से ही भवन की कमी से भी जूझ रहा विद्यालय
गोपेश्वर। जीआईसी कांडई की स्थापना वर्ष 1986 में हुई थी। तब से ही इंटर स्तर पर भवन न होने से कक्षाएं जूनियर हाईस्कूल के पुराने भवनों पर संचालित हो रही हैं। विद्यालय में करीब 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां इंटरस्तर पर रसायन विज्ञान, गणित, भूगोल, अंग्रेजी और जीव विज्ञान के शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। हाईस्कूल स्तर पर अंग्रेजी व व्यायाम में शिक्षक लंबे समय से नहीं हैं। राज्य आंदोलनकारी पृथ्वी सिंह कठैत और पीटीए अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी का नहीं हैं। जिससे छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन राम भरोसे चल रहा है।
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